एक छोटी सी गलती और आंख खा गया खतरनाक पैरासाइट! कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले हो जाएं सावधान

एक छोटी सी गलती और आंख खा गया खतरनाक पैरासाइट! कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले हो जाएं सावधान

आंखें हमारे शरीर का बेहद नाजुक हिस्सा हैं, इसलिए इनकी देखभाल में जरासी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है. खासकर कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले लोगों को आंखों की साफसफाई का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए. कई बार छोटीसी गलती की वजह से बैक्टीरिया, वायरस या दूसरे हानिकारक कीटाणु आंखों में पहुंच जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे संक्रमण समय पर इलाज न मिलने पर आंखों को गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.

एक छोटी सी गलती और आंख खा गया खतरनाक पैरासाइट! कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले हो जाएं सावधान

हाल ही में ब्रिटेन की एक महिला के साथ ऐसा ही मामला सामने आया. रिपोर्ट के मुताबिक, महिला घोड़े के अस्तबल की सफाई के दौरान गंदे पानी और मिट्टी के संपर्क में आ गई. उसने चेहरा तो धो लिया, लेकिन कॉन्टैक्ट लेंस नहीं निकाले. कुछ दिनों बाद उसकी आंख में तेज दर्द और धुंधला दिखने की समस्या शुरू हो गई. जांच में पता चला कि उसकी आंख में Acanthamoeba नाम का खतरनाक पैरासाइट पहुंच गया था, जिसने उसकी आंख के कॉर्निया को गंभीर नुकसान पहुंचाया. संक्रमण इतना बढ़ गया कि उसकी आंख की रोशनी प्रभावित हो गई और अब उसे भविष्य में कॉर्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है. आइए जानते हैं यह पैरासाइट क्या है, आंखों को कैसे नुकसान पहुंचाता है और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

क्या है Acanthamoeba पैरासाइट और यह आंखों को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

Acanthamoeba एक बहुत छोटा पैरासाइट है, जो मिट्टी, धूल, झील, नदी, नल के पानी और दूसरे गंदे पानी में पाया जा सकता है. अगर यह किसी तरह आंख में पहुंच जाए, तो यह आंख की सबसे बाहरी पारदर्शी परत यानी कॉर्निया को संक्रमित कर सकता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस संक्रमण को Acanthamoeba Keratitis कहा जाता है. यह बीमारी ज्यादातर उन लोगों में देखी जाती है, जो कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं.

शुरुआत में आंख लाल होना, दर्द होना या धुंधला दिखना जैसी परेशानी हो सकती है. अगर समय पर इलाज न मिले, तो संक्रमण बढ़कर कॉर्निया को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. कुछ मामलों में नजर कमजोर हो सकती है और आंख की रोशनी जाने का खतरा भी पैदा हो सकता है. इसलिए आंखों में किसी भी तरह की परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले किन गलतियों से बचें?

के अनुसार, अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो साफसफाई का खास ध्यान रखें. गंदे हाथों से लेंस न लगाएं और न ही निकालें. लेंस पहनकर नहाने, तैरने या गंदे पानी के संपर्क में आने से बचें. अगर गलती से आंख में मिट्टी या गंदा पानी चला जाए, तो लेंस तुरंत निकाल दें और आंखों की जांच करवाएं.

लेंस को हमेशा साफ रखने वाले सॉल्यूशन में ही रखें और पुराने सॉल्यूशन का दोबारा इस्तेमाल न करें. तय समय से ज्यादा देर तक लेंस पहनने से भी बचना चाहिए. इन छोटीछोटी बातों का ध्यान रखने से आंखों के संक्रमण का खतरा काफी कम किया जा सकता है.

आंखों में कौन से लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें?

अगर आंख में तेज दर्द हो, लगातार लालपन बना रहे, धुंधला दिखाई दे या रोशनी चुभने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. इसके अलावा आंख से ज्यादा पानी आना, ऐसा महसूस होना कि आंख में कुछ फंसा है या कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में अचानक परेशानी होना भी संक्रमण का संकेत हो सकता है.

ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने से संक्रमण बढ़ सकता है और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. सही समय पर जांच और इलाज कराने से आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है.

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