
बदायूं, अमृत विचार। जिले की विशेष न्यायाधीश की अदालत ने एक नाबालिग लड़की को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधीश नीरज कुमार गर्ग ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय के आदेशानुसार जुर्माने की यह धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
खेत पर पिता के बुलाने का दिया था धोखा
अभियोजन पक्ष और विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा के अनुसार, हजरतपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 10 मार्च 2022 को दोपहर करीब 12:30 बजे उनकी 17 वर्षीय बेटी को पास में ही रहने वाला श्याम बहलाफुसलाकर ले गया था। दोषी श्याम मूल रूप से झारखंड के जिला रांची का रहने वाला है। वह पिछले 10 साल से बदायूं के एक गांव में रविंद्र नामक व्यक्ति के यहां आताजाता रहता था। श्याम ने घर में अकेली नाबालिग को यह कहकर बाहर बुलाया कि उसके पिता खेत पर बुला रहे हैं। इस धोखे में आकर वह श्याम के साथ बाइक पर बैठ गई।
नशीला पदार्थ खिलाकर किया अगवा, 13 दिन तक की दरिंदगी
कोर्ट में दिए गए पीड़िता के बयान के मुताबिक, बाइक पर श्याम के साथ एक और अज्ञात व्यक्ति मौजूद था। रास्ते में दोनों ने उसे डरायाधमकाया और बदायूं शहर ले आए। यहां से वे उसे बस से बरेली ले गए और फिर वहां से ट्रेन में बैठा लिया। रास्ते में आरोपियों ने नाबालिग को कुछ नशीला पदार्थ खिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। जब लड़की को होश आया, तो उसने खुद को एक अनजान कमरे में बंद पाया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि श्याम ने उसे उस कमरे में करीब 1213 दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा।
साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
परिजनों की तहरीर पर हजरतपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की और कुछ समय बाद लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और न्यायालय में ट्रायल चला। न्यायाधीश नीरज कुमार गर्ग ने पत्रावली पर उपलब्ध सभी साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन किया और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद श्याम को पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में दोषी पाते हुए 10 साल की कठोर सजा और जुर्माने का फैसला सुनाया।
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