17 दिन में दूसरी बार धंसा लखनऊकानपुर एक्सप्रेसवे, पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल! 4200 करोड़ की लागत से बना था

17 दिन में दूसरी बार धंसा लखनऊकानपुर एक्सप्रेसवे, पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल! 4200 करोड़ की लागत से बना था

Unnao News: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में करोड़ों रुपए की लागत से बने लखनऊकानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर स्लिपेज की खबर सामने आई है. बताया जा रहा कि एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 30 के पास सड़क का एक हिस्सा में क्षतिग्रस्त दिखाई दिया. इस घटना के बाद एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का कहना है कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है. केवल एहतियात के तौर पर मरम्मत का काम किया जा रहा है.

17 दिन में दूसरी बार धंसा लखनऊकानपुर एक्सप्रेसवे, पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल! 4200 करोड़ की लागत से बना था

17 दिन में दूसरी बार सामने आई समस्या

लखनऊकानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करीब 17 दिन पहले केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद पहली बारिश में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 64 के पास सड़क पर स्लिपेज की समस्या सामने आई थी. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उस समय निर्माण एजेंसी ने प्रभावित हिस्से की मरम्मत कर पैचवर्क किया था.

अब दोबारा किलोमीटर संख्या 30 के पास करीब 15 से 20 मीटर क्षेत्र में सड़क पर स्लिपेज जैसी स्थिति दिखाई देने से लोगों के बीच निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल

करीब 4,200 करोड़ रुपए की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक और सुरक्षित सड़क परियोजना के रूप में तैयार किया गया है, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों के भीतर दो अलगअलग स्थानों पर सड़क में आई समस्या ने इसकी गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना में इस तरह की खामियां चिंता का विषय हैं.

NHAI ने दी सफाई

NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर नकुल वर्मा ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर कोई बड़ी तकनीकी समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि पहली बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर मिट्टी बैठने की संभावना रहती है. इसी कारण जहां भविष्य में स्लिपेज की आशंका दिखाई दे रही है, वहां पहले से ही मरम्मत का काम कराया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि किलोमीटर संख्या 64 पर आई समस्या को पहले ही ठीक कर दिया गया था. उसी दौरान पूरी मशीनरी मौके पर मौजूद थी, इसलिए पूरे एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया गया और जहां भी आवश्यकता महसूस हुई, वहां सुधार कार्य शुरू कर दिया गया.

पूरे एक्सप्रेसवे का हो रहा निरीक्षण

NHAI के मुताबिक, विशेषज्ञों की टीम पूरे एक्सप्रेसवे का लगातार निरीक्षण कर रही है. जिन स्थानों पर भविष्य में सड़क धंसने या अन्य तकनीकी समस्या की संभावना है, उन्हें समय रहते ठीक किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

यात्रियों से लिया जा रहा फीडबैक

NHAI एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों से भी लगातार फीडबैक ले रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कई वीडियो साझा किए गए हैं, जिनमें चालक इस एक्सप्रेसवे पर यात्रा के अपने अनुभव बता रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है. किसी भी तकनीकी कमी को तुरंत दूर किया जा रहा है.

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