व्यावसायिक गतिविधियों की जगह बन रहे हैं थाने… यूपी पुलिस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, DGP को दिया ये आदेश

व्यावसायिक गतिविधियों की जगह बन रहे हैं थाने… यूपी पुलिस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, DGP को दिया ये आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर पुलिस को लेकर तल्ख टिप्पणी की है. अदालत ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि थाने अब व्यावसायिक गतिविधियों की जगह बन गए हैं. कोर्ट ने DGP को जांच और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. उसने 10 दिनों के अंदर हलफनामा दाखिल करने को कहा है.

व्यावसायिक गतिविधियों की जगह बन रहे हैं थाने… यूपी पुलिस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, DGP को दिया ये आदेश

कोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में पुलिस थाने अब कानूनव्यवस्था बनाए रखने के केंद्र नहीं बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों का स्थान बनते जा रहे हैं. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अदालत ने बलिया जिले के रसड़ा थाने में तैनात एक सिपाही संतोष कुमार द्वारा ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चलाने और अधिकारियों द्वारा उसे संरक्षण दिए जाने के मामले पर कड़ा संज्ञान लिया. कोर्ट ने माना कि यह पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार का मामला है.

DGP को कार्रवाई करने का आदेश

हाई कोर्ट ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव को इस पूरे प्रकरण की जांच करने तथा रसड़ा थाने में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया. डीजीपी से अगले दस दिनों के अंदर की गई कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है. कोर्ट अब इस मामले में 11 अगस्त को अगली सुनवाई करेगी.

कोर्ट ने क्यों की ये टिप्पणी?

याचिकाकर्ता का आरोप था कि सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, बलिया ने उसके ट्रक को मनमाने तरीके से ब्लैकलिस्ट कर दिया. बलिया के रसड़ा थाने में तैनात कांस्टेबल संतोष कुमार ने अपने जनरल प्रोविडेंट फंड खाते से पैसे निकाले और याचिकाकर्ता हरेंद्र यादव के नाम पर एक ट्रक खरीदा था. यह आदेश जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता हरेन्द्र यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *