
कानपुर, अमृत विचार। कांवड़ यात्रा और श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कानपुर नगर में शनिवार रात 8 बजे से रूट डायवर्जन व्यवस्था लागू की जाएगी। यह व्यवस्था 3 अगस्त 2026, सोमवार रात 12 बजे तक जारी रहेगी।
प्रशासन ने विभिन्न जनपदों से होकर गुजरने वाले भारी और व्यावसायिक वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए यह फैसला लिया है। संभावित यातायात दबाव और कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई मार्गों पर भारी वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा।
शनिवार रात 8 बजे से लागू होगा डायवर्जन
शुक्रवार को पुलिस कार्यालय सभागार में डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें शनिवार रात 8 बजे से 3 अगस्त सोमवार रात 12 बजे तक कानपुर नगर से भारी वाहनों के अंतर्जनपदीय डायवर्जन की व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित यातायात दबाव और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर तैयारियों की समीक्षा की।
कांवड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
डीसीपी ट्रैफिक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में डायवर्जन प्लान को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।
इसका मुख्य उद्देश्य घाटों से जल लेकर जाने वाले कांवड़ियों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना और उनकी यात्रा के दौरान किसी तरह की यातायात संबंधी परेशानी को कम करना है।
श्रावण माह में घाटों और प्रमुख धार्मिक मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने पहले से व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
मेडिकल इमरजेंसी वाहनों को मिलेगी छूट
डायवर्जन व्यवस्था के बावजूद चिकित्सकीय आपातकालीन सेवाओं को इससे छूट दी जाएगी। यानी गंभीर मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस और आवश्यक मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी।
प्रशासन की कोशिश है कि एक तरफ कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनी रहे, वहीं दूसरी तरफ जरूरी सेवाओं के आवागमन में किसी तरह की बाधा न आए।
अधिकारियों को प्रभावी अमल के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि डायवर्जन प्लान को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए।
बैठक में एडीसीपी यातायात कपिल देव सिंह, एसीपी यातायात मनोज कुमार सिंह और एसीपी यातायात संजय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और यातायात विभाग की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।