
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को सपा विधायक सचिन यादव के खिलाफ कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ पोस्टर लहराने के मामले में उन्हें पूरे विधानसभा सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले सचिन यादव विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के नीचे धरने पर बैठे थे। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने निलंबन का आदेश जारी किया।
निलंबन आदेश के मुताबिक, सचिन यादव निलंबन की अवधि में विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा वह विधानसभा की समितियों की कार्यवाही में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे विधायक
सपा विधायक सचिन यादव विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के नीचे धरने पर बैठे। इसके बाद सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ पोस्टर लहराने का मामला सामने आया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
पूरे सत्र तक लागू रहेगा निलंबन
विधानसभा के प्रमुख सचिव की ओर से जारी आदेश के बाद सचिन यादव के सदन की कार्यवाही में शामिल होने पर रोक लग गई है। निलंबन अवधि के दौरान वह विधानसभा परिसर में प्रवेश करने के साथ ही सदन की समितियों की बैठकों में भी भाग नहीं ले सकेंगे।
सदन में बढ़ सकता है सियासी टकराव
सपा विधायक के निलंबन से विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं। पोस्टर लहराने और धरने की कार्रवाई को लेकर सदन में विपक्ष की प्रतिक्रिया भी अहम मानी जा रही है।