
रामपुर, अमृत विचार। 2027 विधानसभा चुनाव में अभी बेहद कम समय बचा है, ऐसे में सपा नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विवि का मामला सपा के लिए बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुका है। मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मेरठ के सरधना विधायक अतुल प्रधान, मुजफ्फरनगर के चरथावल विधायक पंकज मलिक सहित कई विधायकों ने विधानसभा में जौहर विवि को बचाने का मुद्दा उठाया। हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा में धरने पर बैठकर जौहर विवि पर कार्रवाई का विरोध किया।
भले ही आजम खान व उनके परिवार में जेल जाने के दौरान सपाईयों ने सड़कों पर उतकर कार्रवाई का विरोध ना किया हो, लेकिन जौहर विवि के मुद्दे में कोई कोर कसर पार्टी नेता नहीं छोड़ रहे हैं। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर विधायकों और सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर आ चुका है और जिला प्रशासन को जौहर विवि बचाने का ज्ञापन दे चुका है। प्रदेश भर के 60 से ज्यादा जिलो में सपाई जौहर विवि को बचाने के लिए ज्ञापन दे चुके हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। मंगलवार को विधानसभा लखनऊ में सपा विधायकों ने जौहर विवि को बचाने के लिए तख्तियां लेकर बैठकर आवाज उठाई।
सरधना विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि यह सिर्फ एक यूनिवर्सिटी का मामला नहीं, बल्कि गरीब, पिछड़े और वंचित बच्चों के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। जिस संस्थान ने हजारों युवाओं को शिक्षा का सपना दिया, उसे खत्म करने की कोशिशों के खिलाफ विधानसभा में उठी यह आवाज उम्मीद की नई किरण है। कलम को बचाइए, शिक्षा को बचाइए, जौहर यूनिवर्सिटी को बचाइए। हम समाजवादी पार्टी के सभी विधायकों ने जनता की भावनाओं और छात्रों के भविष्य की लड़ाई को सदन के भीतर मजबूती से उठाया। विधायक पंकज मलिक ने बताया कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, आने वाली नस्लों की है।
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