होम ग्राउंड पर खेल रही मध्य प्रदेश की टीम इस मुकाबले में फेवरेट मानी जा रही थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों के आगे एमपी के बल्लेबाज टिक नहीं सके। खास तौर पर आकिब नबी की घातक गेंदबाजी ने मध्य प्रदेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और सेमीफाइनल का टिकट जम्मू-कश्मीर के नाम कर दिया।
जम्मू-कश्मीर की टीम इससे पहले कभी भी रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नहीं पहुंची थी, लेकिन इस सीजन उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश के खिलाफ टीम ने हर विभाग में बेहतरीन खेल दिखाया। गेंदबाजों ने जहां विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाया, वहीं बल्लेबाजों ने जरूरी मौकों पर जिम्मेदारी निभाई।
Ranji Trophy: आकिब नबी की शानदार गेंदबाजी
तेज गेंदबाज आकिब नबी इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे। पहली पारी में उन्होंने 18.4 ओवरों में 40 रन देकर 7 विकेट झटके, जिससे मध्य प्रदेश की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। दूसरी पारी में भी नबी ने कहर बरपाते हुए 24 ओवरों में 70 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए। दोनों पारियों में कुल 12 विकेट लेकर आकिब नबी ने मुकाबले को पूरी तरह जम्मू-कश्मीर के पक्ष में मोड़ दिया और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
Ranji Trophy: मध्य प्रदेश की बल्लेबाजी हुई फेल
मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 194 रन बनाए, जिसके जवाब में मध्य प्रदेश की टीम 152 रन पर सिमट गई। यश दूबे ने 58 रनों की पारी जरूर खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। पहली पारी में 42 रनों की बढ़त लेने के बाद जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में वंशज शर्मा के नाबाद 54 रनों की मदद से 248 रन बनाए और मध्य प्रदेश के सामने 291 रनों का लक्ष्य रखा।
Ranji Trophy: 56 रनों से जीत, इतिहास में दर्ज हुआ नाम
291 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्य प्रदेश की टीम दबाव में बिखर गई और 234 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह जम्मू-कश्मीर ने मुकाबला 56 रनों से जीतकर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहली बार प्रवेश किया। इस जीत के साथ जम्मू-कश्मीर ने यह साबित कर दिया कि घरेलू क्रिकेट में अब वह किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने का माद्दा रखती है।



