रणजी ट्रॉफी 2025-26 के क्वार्टर फाइनल में एक बार फिर अनुभव और क्लास ने बड़ा फर्क पैदा किया। केएल राहुल की संयमित लेकिन निर्णायक शतकीय पारी ने घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल टीम मानी जाने वाली मुंबई को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 42 बार की चैंपियन मुंबई के खिलाफ कर्नाटक ने चौथे दिन चार विकेट से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
325 रन जैसे चुनौतीपूर्ण लक्ष्य के सामने कर्नाटक ने घबराहट नहीं दिखाई। कप्तानी पारी खेलते हुए राहुल ने मोर्चा संभाला, वहीं दूसरे छोर से रविचंद्रन स्मरण ने उनका बखूबी साथ निभाया। चौथे दिन के दूसरे सेशन में जैसे ही जीत का रन बना, यह साफ हो गया कि यह मुकाबला लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
113/2 के स्कोर से चौथे दिन खेल शुरू करने उतरी कर्नाटक की टीम को भरोसेमंद शुरुआत की जरूरत थी और केएल राहुल ने वही किया। पहले सेशन में उन्होंने 147 गेंदों में अपना 24वां फर्स्ट क्लास शतक पूरा किया। करुण नायर के आउट होने के बाद राहुल ने पारी को संभाले रखा और स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाते रहे। 182 गेंदों में 130 रन की उनकी पारी मुंबई के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई।
राहुल और रविचंद्रन स्मरण के बीच हुई साझेदारी इस मुकाबले का टर्निंग पॉइंट रही। दोनों ने 169 गेंदों में 147 रन जोड़कर कर्नाटक की जीत लगभग तय कर दी। लंच के बाद राहुल के आउट होने से कुछ देर के लिए दबाव जरूर बना, लेकिन तब तक लक्ष्य काफी करीब आ चुका था।
राहुल के आउट होने के बाद स्मरण ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। एक समय कर्नाटक का स्कोर छह विकेट पर 285 रन हो गया था, लेकिन स्मरण ने धैर्य नहीं खोया। उन्हें विद्याधर पाटिल का साथ मिला और दोनों ने टीम को जीत तक पहुंचाया। स्मरण 123 गेंदों में नाबाद 83 रन बनाकर लौटे, जबकि पाटिल ने 30 गेंदों में नॉटआउट 31 रन जोड़े।
Ranji Trophy: मुंबई की कोशिशें रही विफल
इससे पहले मुंबई की पहली पारी 120 रन पर सिमट गई थी, हालांकि कर्नाटक भी 173 रन ही बना सकी। दूसरी पारी में मुंबई ने आकाश आनंद (70), मुशीर खान (49), तनुष कोटियन (48) और तुषार देशपांडे (47) के दम पर 377 रन बनाए और 325 रन का लक्ष्य दिया। लेकिन केएल राहुल की अगुआई में कर्नाटक ने इस लक्ष्य को चौथे दिन ही हासिल कर Ranji Trophy के सेमीफाइनल का टिकट कटवा लिया



