नड्डा ने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित बिहुबोर नेपाली खुटी इलाके का दौरा किया, प्रभावित परिवारों से बातचीत की और हाल की बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। केंद्रीय मंत्री ने राहत कार्यों और राज्य प्रशासन की ओर से किए जा रहे पुनर्वास के उपायों की भी समीक्षा की।

नड्डा ने क्या कहा?
बाढ़ प्रभावित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा ‘भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से, मैं हिमंत बिस्वा सरमा और आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य को पूरी आर्थिक मदद दी जा रही है। केंद्र की टीमें यहां हुए नुकसान का जायजा ले रही हैं। हम पुनर्वास के कामों में पूरी तरह जुटे हुए हैं।’
आगे उन्होंने कहा,’मुझे मुख्यमंत्री के साथ शिवसागर जाने का मौका मिला। मैंने नुकसान का दायरा देखा है। पूरे के पूरे गांव प्रभावित हुए हैं। लोगों के घर उजड़ गए हैं। इसके साथ ही फसलें और संपत्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हमने लोगों को हो रही दिक्कतों पर चर्चा की। राहत का काम जारी है। यह प्रभावित इलाकों तक पहुंचा है। भारत सरकार की ओर से मदद में कोई कमी नहीं होगी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। चाहे आर्थिक मदद हो, नुकसान का मुआवजा हो या पुनर्वास, केंद्र असम के साथ खड़ा रहेगा। हिमंत बिस्वा सरमा अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद किया। इसके साथ ही कहा, ‘नड्डा जी ने खुद तबाही का मंजर देखा है। मुझे भरोसा है कि वे प्रधानमंत्री को हालात के बारे में बताएंगे ताकि असम के लोगों को राहत और पुनर्वास के लिए जरूरी हर तरह की मदद मिल सके।यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ऊपरी असम के कई इलाके इस मॉनसून के दौरान आई सबसे भयानक बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। लगातार बारिश और नदियों के उफान से गांवों में पानी भरने के कारण शिवसागर जिले, खासकर नजीरा सबडिविजन और उससे सटे बिहुबोर नेपाली खुटी इलाके में बड़े पैमाने पर बाढ़ आई, जमीन का कटाव हुआ और खेती की जमीन को भारी नुकसान पहुंचा है।
कोडिस्ट्रिक्ट कमिश्नर ने क्या बताया?
इससे पहले, नजीरा की कोडिस्ट्रिक्ट कमिश्नर प्रतिभा मेश्राम ने एएनआई को बताया कि हालांकि ज्यादातर इलाकों में बाढ़ की स्थिति काबू में आ गई है, लेकिन 23 जगहों पर अभी भी असर है। इनमें नेपाली खुटी सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक है, जहां लोगों को फिर से बसाने की जरूरत पड़ सकती है।
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