
Communal Violence Video : देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आ रही सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामाजिक सद्भाव के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। विशेष रूप से ओडिशा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में नफरत और कट्टरपंथ के बढ़ते मामलों ने समाज में डर और अविश्वास का माहौल पैदा किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डरावने वीडियो इन राज्यों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता की तस्दीक कर रहे हैं।
ओडिशा में हाल में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां भीड़ द्वारा कुछ लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ताजा मामला कथित तौर पर बुजुर्ग मुस्लिम का है। उसके साथ मारपीट और अभद्रता का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कट्टरपंथी भीड़ बुजुर्ग से उठक-बैठक करा रही है और उन्हें जबरन गो माता की जय के नारे लगाने पर मजबूर कर रही है। प्रताड़ित व्यक्ति बंगाली भाषी बताया जा रहा है।
पहचान पूछने के बहाने हिंसा का आरोप
आरोप है कि राज्य में केवल बंगाली बोलने के आधार पर लोगों को बांग्लादेशी करार देकर पीटा जा रहा है। कई हिंदू संगठनों के सदस्यों पर आरोप है कि वे पहचान पूछने के बहाने हिंसा कर रहे हैं। कभी गो-तस्करी का शक तो कभी का तर्क देकर युवाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। इन शर्मनाक घटनाओं पर प्रशासन की चुप्पी ने पीड़ितों की असुरक्षा को और बढ़ा दिया है।
ओडिशा नफरत फैलाने वालों के लिए एक नया ठिकाना बन गया है!
एक बंगाली भाषी मुस्लिम बुजुर्ग को हिंदूवादी तत्वों ने उठक-बैठक करने का आदेश दिया गया, ज़ोर से “गौ माता की जय” बोलने के लिए मजबूर किया गया और उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया! द्वारा
— Muslim Spaces (@MuslimSpaces)
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उत्तराखंड के कोटद्वार में बढ़ता तनाव
सांप्रदायिक नफरत की आग पहाड़ी राज्य उत्तराखंड तक भी पहुंच चुकी है। कोटद्वार में बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों द्वारा एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को अपनी दुकान का नाम बदलने के लिए धमकाने का मामला सामने आया है। जब स्थानीय निवासी दीपक ने इस दादागिरी का विरोध किया, तो आक्रोशित भीड़ ने उसके जिम पर धावा बोल दिया। दीपक के साथ गाली-गलौज की गई और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है और स्थानीय लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धर्म और पहचान के नाम पर की जा रही यह हिंसा समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रही है। समय रहते अगर पुलिस और प्रशासन ने इन कट्टरपंथी तत्वों पर नकेल नहीं कसीस तो यह नफरत आने वाले समय में और भी भयावह रूप ले सकती है।



