मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: बायोगैस योजना को मंजूरी, असम में बनेगा फोरलेन हाईवे, ₹32 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर मुहर

मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: बायोगैस योजना को मंजूरी, असम में बनेगा फोरलेन हाईवे, ₹32 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर मुहर

Modi Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि सरकार ने देश में बायोगैस को बढ़ावा देने के लिए व्यापक योजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा असम में फोरलेन हाईवे निर्माण परियोजना को भी हरी झंडी दी गई है। उन्होंने बताया कि दोनों परियोजनाओं और योजनाओं की कुल लागत लगभग 32 हजार करोड़ रुपये है।

मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: बायोगैस योजना को मंजूरी, असम में बनेगा फोरलेन हाईवे, ₹32 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर मुहर

बायोगैस को बढ़ावा देने के लिए नई योजना

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश में उपलब्ध कृषि अवशेष और पशुओं के गोबर जैसे संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। नई योजना के जरिए गांवों में उपलब्ध जैविक संसाधनों से बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलने के साथ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी फायदा होने की उम्मीद है।

असम में बनेगा फोरलेन हाईवे

कैबिनेट ने असम में एक महत्वपूर्ण फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इससे पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क संपर्क बेहतर होगा, यात्रा का समय घटेगा और व्यापार व परिवहन को गति मिलेगी।

₹32 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर मुहर

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, बायोगैस योजना और असम हाईवे परियोजना सहित दोनों फैसलों पर करीब 32 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूती मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि, सरकार ने GOBARdhan बायोगैस योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही असम में बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135 किलोमीटर लंबे फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है।

GOBARdhan योजना के 6 प्रमुख स्तंभ

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नई GOBARdhan योजना छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।

कम्प्रेस्ड बायोगैस की सुनिश्चित खरीद : उत्पादित CBG के उपयोग की गारंटी दी जाएगी।

कीमतों में स्थिरता: अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस की कीमतों में उतारचढ़ाव का असर बायोगैस पर न पड़े, इसके लिए सुनिश्चित मूल्य व्यवस्था बनाई गई है।

CAPEX सहायता: बायोगैस प्लांट लगाने के लिए पूंजीगत खर्च में सरकारी सहायता मिलेगी।

पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर: बायोगैस को प्लांट से उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

MSME और महिला उद्यमियों को क्रेडिट गारंटी: छोटे उद्योगों, खासकर महिला नेतृत्व वाले MSME को वित्तीय सहायता और गारंटी दी जाएगी।

इनोवेशन: बायोगैस क्षेत्र में नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।

PNG और सिटी गैस नेटवर्क से जुड़ेगा बायोगैस

सरकार के अनुसार, GOBARdhan योजना को देश में पहले से मौजूद सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और पाइप्ड नेचुरल गैस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इससे बायोगैस उत्पादन केंद्रों से गैस सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा सकेगी।

10 साल में CBG उत्पादन 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य

सरकार ने अगले 10 वर्षों में कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार का अनुमान है कि इससे GDP में लगभग 75,000 करोड़ रुपये का योगदान होगा,करीब 1.5 लाख नए रोजगार पैदा होंगे, किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी और कृषि अवशेषों का बेहतर उपयोग होगा।

असम में ₹8,970 करोड़ का फोरलेन हाईवे

कैबिनेट ने असम के बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135 किलोमीटर लंबे फोरलेन NH15 परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 8,970 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह सड़क ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर बनेगी और अरुणाचल प्रदेश तथा नागालैंड की ओर जाने वाले प्रमुख संपर्क मार्ग को बेहतर बनाएगी।

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परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

इस हाईवे परियोजना में शामिल होंगे

15 बड़े पुल

करीब 30 छोटे पुल

19 फ्लाईओवर

5 बाईपास

भविष्य में यह मार्ग ब्रह्मपुत्र सुरंग से भी जुड़ेगा, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का कहना है कि इस परियोजना से असम के साथसाथ अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड की सड़क संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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