
पुणे: महाराष्ट्र में पुणे से कोल्हापुर जा रही एक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन में महिला यात्री की तस्वीर का कथित रूप से दुरुपयोग कर AI की मदद से आपत्तिजनक फर्जी तस्वीरें बनाने का मामला सामने आया है। एक जागरूक सह-यात्री की सतर्कता के चलते आरोपी को रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले की जांच जारी है।
सह-यात्री को हुई गतिविधि पर शंका
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के एक कोच में यात्रा कर रहे यात्री ने सामने बैठे एक व्यक्ति की मोबाइल पर हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान दिया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने बुर्का पहने महिला यात्री की बिना अनुमति तस्वीर ली और फिर किसी AI इमेज जनरेशन टूल की मदद से उसकी आपत्तिजनक फर्जी तस्वीरें बनाने का प्रयास किया।
सबूत जुटाकर दी पुलिस को सूचना
प्रत्यक्षदर्शी यात्री ने बिना हंगामा किए कथित गतिविधि का वीडियो रिकॉर्ड किया और तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी कथित रूप से नशे की हालत में था, इसलिए समय रहते कार्रवाई जरूरी थी।
मोबाइल की जांच के बाद हिरासत में लिया गया
सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी का मोबाइल अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने फोन की जांच शुरू की और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर उठी सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने महिलाओं की निजता से जुड़े मामलों में AI तकनीक के दुरुपयोग पर चिंता जताई। कई लोगों ने ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई और डिजिटल सुरक्षा कानूनों को और प्रभावी बनाने की मांग की। वहीं, घटना की सूचना देने वाले सह-यात्री की सतर्कता की भी लोगों ने सराहना की।
AI के जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई क्षेत्रों में उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल किसी की निजता, सम्मान और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और कानूनी कार्रवाई डिजिटल अपराधों पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाती है।