कानपुर में गंगा का रौद्र रूप, अलकनंदामंदाकिनी का पानी आने से डूबे घाट; निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात 

कानपुर में गंगा का रौद्र रूप, अलकनंदामंदाकिनी का पानी आने से डूबे घाट; निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात 
कानपुर में गंगा का रौद्र रूप, अलकनंदामंदाकिनी का पानी आने से डूबे घाट; निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात 

कानपुर। लगातार हो रही बारिश और नरोरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा के उफान से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है और कई जगहों पर पानी घरों तक पहुंचने लगा है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर 113.410 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 114 मीटर से करीब 60 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, शुक्लागंज घाट पर गंगा 112.06 मीटर पर बह रही है, जबकि यहां चेतावनी बिंदु 113 मीटर और लाल निशान 114 मीटर निर्धारित है।

नरोरा बांध से छोड़े गए पानी का असर

बताया जा रहा है कि बुलंदशहर स्थित नरोरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

अलकनंदा और मंदाकिनी ने बढ़ाई चिंता 

बता दें कि पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से कानपुर में इसका असर दिखने लगा है। उत्तराखंड से अलकनंदा और मंदाकिनी में जलस्तर बढ़ने से गंगा को अपने रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। जिससे शहर के घाट और तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है वही निचले इलाकों में भी पानी भरने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा बैराज में जलस्तर बढ़ गया है और अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर तटवर्ती इलाकों में दिखाई देने लगा है। कई निचले क्षेत्रों में बारिश और बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश कर गया है। मजबूरी में कुछ लोग ऊपरी मंजिलों और छतों पर रहने को मजबूर हैं।

बारिश से शहर की समस्याएं बढ़ीं

लगातार बारिश ने कानपुर शहर की अन्य समस्याओं को भी बढ़ा दिया है। सीवर लाइन, मेट्रो निर्माण और जलभराव के कारण कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई सड़कों पर गड्ढे और फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों को दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। वहीं, जलभराव और खराब सड़क व्यवस्था के चलते शहर के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। प्रशासन की ओर से तटवर्ती इलाकों की निगरानी की जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

घाटों पर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर से घाटों पर प्रशासन ने तैनाती बढ़ा दी है। लोगों को घाटों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है। सभी अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। जलस्तर बढ़ने के चलते लोगों को नदी से दूर जाने के लिए भी कहा गया है। वही बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन एडवाइजरी भी जारी की है।

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