विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार..

विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार..
विदेशी पार्सल का लालच, फिर कस्टम के नाम पर ठगी; 4 साइबर ठग गिरफ्तार..

 दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस ने विदेशी पार्सल में डॉलर और सोना होने का झांसा देकर एक लाख 46 हजार रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का गिरोह का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक नाइजीरियाई नागरिक समेत 4 आरोपियों को पकड़ा है। इस पूरे नेटवर्क के तार दिल्ली से लेकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तक जुड़े मिले हैं। बता दें कि 31 मार्च को साउथ-वेस्ट साइबर थाने में एक शख्स ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने व्हाट्सऐप चैट और फोन कॉल के जरिए उससे संपर्क किया था और खुद को अमेरिका का रहने वाला बताया था।

आरोपियों ने पहले पीड़ित से दोस्ती की और उसका भरोसा जीता था, जिसके बाद उसे बताया गया कि उसके नाम से विदेश से एक पार्सल भारत भेजा गया है, जिसमें अमेरिकी डॉलर और सोना है। साथ ही फिर मनी डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट, फ्लाइट टिकट, कस्टम क्लियरेंस और कथित तौर पर जब्त सोना रिलीज कराने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे मांगे गए थे। पीड़ित ने आरोपियों की बातों पर भरोसा करते हुए अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में करीब 1 लाख 46 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। हालाकि शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी थी। साथ ही डिजिटल एविडेंस, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल डिटेल की पड़ताल के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे थे। हालाकि जांच दिल्ली से शुरू होकर तेलंगाना और फिर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तक पहुंच गई थी, जहां पुलिस की टीम ने सबसे पहले मैदान गढ़ी, दिल्ली से दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। इसके बाद तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली से कोंडा सागर और डुब्बापेटा से अजमीरा विनोद कुमार को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही विनोद कुमार के कब्जे से 2 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। जांच करने पर पता चला है कि इस साइबर फ्रॉड के तार आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से जुड़े हुए हैं।

दिल्ली पुलिस सूत्रो के मुताबिक,एक (22) वर्षीय साइमोन मिरेकल चिनोंसो, जो नाइजीरियाई नागरिक है। इस नेटवर्क का हिस्सा थी। दिल्ली पुलिस की टीम ने विशाखापट्टनम में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए 4 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दीपक कुमार, कोंडा सागर और अजमीरा विनोद कुमार साइबर फ्रॉड सिंडिकेट को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे, जिसके बदले मोटी कमीशन लेते थे। साथ ही नाइजीरियाई नागरिक साइमोन मिरेकल चिनोंसो व्हाट्सऐप चैट और फोन कॉल के जरिए खुद को इमिग्रेशन अधिकारी, कस्टम अधिकारी या दूसरी संस्थाओं का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करती थी।

हालाकि विदेशी पार्सल, कस्टम क्लियरेंस और कीमती सामान रिलीज कराने के नाम पर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे, जिसके बाद ठगी की रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की जाती थी। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने करीबन 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

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