भारत समेत 5 देशों पर लगेगा 100% टैरिफ, रूस के खिलाफ अमेरिकी सीनेट ने पास किया बड़ा विधेयक

भारत समेत 5 देशों पर लगेगा 100% टैरिफ, रूस के खिलाफ अमेरिकी सीनेट ने पास किया बड़ा विधेयक
भारत समेत 5 देशों पर लगेगा 100% टैरिफ, रूस के खिलाफ अमेरिकी सीनेट ने पास किया बड़ा विधेयक

वॉशिंगटन। रूसयूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका ने रूस पर दबाव बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख खरीदार देशों को निशाना बनाने वाले एक अहम प्रतिबंध विधेयक को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। इस विधेयक में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले पांच प्रमुख देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया है। सीनेट ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ को 11 के मुकाबले 86 मतों से पारित किया। अब यह विधेयक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भेजा जाएगा। प्रतिनिधि सभा का सत्र 31 अगस्त को दोबारा शुरू होना है।

भारत समेत इन 5 देशों पर लग सकता है 100% शुल्क

विधेयक के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस के सबसे बड़े आयातक पांच देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है।

इन पांच देशों में शामिल हैं

भारत
चीन
अजरबैजान
हंगरी
स्लोवाकिया

अमेरिका का आरोप है कि रूस से बड़े पैमाने पर ऊर्जा खरीदने वाले देश अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के लिए रूस की अर्थव्यवस्था को समर्थन दे रहे हैं।

रूस के राष्ट्रपति पुतिन समेत कई लोगों पर प्रतिबंध का प्रावधान

विधेयक में रूस के नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है। इसके दायरे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूस के बड़े कारोबारी और वित्तीय संस्थान आ सकते हैं। इसका उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बनाना और यूक्रेन युद्ध के लिए उसकी वित्तीय क्षमता को कमजोर करना बताया गया है।

ईरान पर भी बढ़ेगा अमेरिकी दबाव

रूस से जुड़े प्रतिबंधों के अलावा इस विधेयक में 1996 के ईरान प्रतिबंध अधिनियम की अवधि को 2031 तक बढ़ाने का प्रावधान भी शामिल है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस कानून के तहत ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

दोनों पार्टियों ने किया समर्थन

इस द्विदलीय विधेयक को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने प्रस्तावित किया था। ग्राहम की 11 जुलाई को मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद भी दोनों दलों के नेताओं ने विधेयक को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी रखे। ग्राहम की सीट से सीनेटर चुनी गईं उनकी बहन डारलाइन ग्राहम ने कहा कि यह विधेयक रूस की अर्थव्यवस्था को समर्थन देने वाले देशों को अमेरिका के साथ कारोबार और सस्ती रूसी ऊर्जा खरीदने के बीच विकल्प चुनने के लिए मजबूर करेगा।

ट्रंप को नई शुल्क शक्तियां देने पर कुछ सांसदों को आपत्ति

हालांकि, कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने विधेयक को लेकर चिंता भी जताई है। ग्रेगरी मीक्स और डॉन बेयर समेत कुछ सांसदों का कहना है कि यह कानून ऐसे समय में राष्ट्रपति ट्रंप को शुल्क लगाने की नई शक्तियां देगा, जब टैरिफ पहले से ही उनकी व्यापार नीति का अहम हिस्सा है। अब सभी की नजर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा पर है। वहां मंजूरी मिलने और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि प्रस्तावित 100 प्रतिशत शुल्क का प्रावधान किस रूप में लागू होता है।

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