टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया को आखिरकार एक नया नेतृत्व मिल गया है, और इस बार कमान संभालने के लिए इथियोपिया के अनुभवी दिग्गज टेवोल्डे गेब्रेमरियम को चुना गया है। वर्ष 2022 में एयर इंडिया की जब टाटा समूह में घर वापसी हुई थी, तब से एयरलाइन में कई बड़े सुधार किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद यह टाटा समूह के लिए सबसे अधिक घाटा देने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। वित्तीय वर्ष 2026 में एयर इंडिया का घाटा बढ़कर 22,238 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एयरलाइन को उबारने और इसे मुनाफे की पटरी पर लाने की जिम्मेदारी अब टेवोल्डे गेब्रेमरियम के कंधों पर आ गई है, जिन्होंने अपने शानदार करियर में इथियोपियन एयरलाइंस को अफ्रीका की सबसे बड़ी और सबसे अधिक लाभदायक एयरलाइन बनाकर दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

टेवोल्डे गेब्रेमरियम की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और शुरुआती करियर की बात करें तो उन्होंने इथियोपिया की आदिस अबाबा यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र और बिजनेस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस में बिल्कुल निचले स्तर से अपने करियर की शुरुआत की थी और अपनी मेहनत तथा कार्यकुशलता के बल पर संगठन के शीर्ष पद तक पहुंचे। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने एक क्षेत्रीय निदेशक के रूप में भारत में भी अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा, उन्होंने सऊदी अरब और अमेरिका जैसे महत्वपूर्ण देशों में भी कंपनी के लिए अहम जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक संभालीं। वर्ष 2011 से 2022 तक उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कंपनी का नेतृत्व किया और अपने कार्यकाल के दौरान एयरलाइन के रेवेन्यू को लगभग चार गुना बढ़ाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की।
उनके नेतृत्व के दौरान इथियोपियन एयरलाइंस ने कायाकल्प का एक नया दौर देखा और वह पूरे अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई। इस अवधि में कंपनी के गंतव्यों की संख्या दोगुनी होकर 128 तक पहुंच गई। वर्तमान में इथियोपियन एयरलाइंस के पास 170 विमानों का एक विशाल बेड़ा मौजूद है और यह दुनिया भर के 145 गंतव्यों के लिए अपनी उड़ानें संचालित करती है। उनके कार्यकाल में कंपनी का सालाना राजस्व 1 बिलियन डॉलर से बढ़कर 5 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया और वर्ष 2022 में इस एयरलाइन ने 1 बिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ अर्जित किया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते उन्होंने वर्ष 2022 में इस पद से इस्तीफा दे दिया था। वर्तमान में वह एक कंसल्टेंसी सेवा का संचालन कर रहे हैं और प्रसिद्ध डेल्टा एयरलाइंस के लिए एक रणनीतिक सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
गेब्रेमरियम की सबसे बड़ी खूबी यह मानी जाती है कि उन्होंने कम आय वाली अर्थव्यवस्था और सीमित ओरिजिनडेस्टिनेशन ट्रैफिक वाली एक बेहद छोटी एयरलाइन को अफ्रीका की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली हब कैरियर में तब्दील कर दिया था। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक रूप से फायदे में रहते हुए व्यवसायिक विकास को आगे बढ़ाने का उनका लंबा अनुभव एयर इंडिया के लिए बेहद मददगार साबित होगा। उन्हें विमानन उद्योग के वाणिज्यिक, परिचालन और वित्त जैसे तीनों प्रमुख क्षेत्रों की बेहद मजबूत और गहरी समझ है, जिसके चलते उनमें इन सभी पेचीदा विषयों पर अपनी बात मजबूती से रखने की अद्भुत क्षमता है। टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने उनकी नियुक्ति पर अपनी बात रखते हुए कहा कि दुनिया के सबसे कुशल और लाभदायक एयरलाइन समूहों में से एक का निर्माण करने में टेवोल्डे का पिछला रिकॉर्ड उन्हें एयर इंडिया का नेतृत्व संभालने के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाता है। उनका यह परिचालन कौशल, सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और भविष्य के विकास का उनका दृष्टिकोण एयर इंडिया के कायाकल्प में मील का पत्थर साबित होगा।
हालांकि, एयर इंडिया के नए बॉस के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। वर्तमान समय में एयरलाइन को कई मोर्चों पर भारी संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में लगातार जारी संघर्ष के कारण कई देशों का एयरस्पेस बंद पड़ा है, जिसके चलते विमानों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबे और महंगे रूट अपनाने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों ने कई उड़ानों के मार्गों को आर्थिक रूप से घाटे का सौदा बना दिया है। इसके अलावा, पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने की वजह से यूरोप और उत्तर अमेरिका जाने वाली उड़ानों को भी लंबे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। अब यह देखना वाकई बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि टेवोल्डे गेब्रेमरियम अपनी शानदार कार्यशैली और कूटनीतिक सूझबूझ के बल पर एयर इंडिया को इन तमाम गंभीर मुसीबतों से कैसे बाहर निकालते हैं और क्या वह एयर इंडिया को एक बार फिर भारतीय आकाश का महाराजा बनाने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं।