
अमृत विचार : आला हजरत के उर्से में हाजिरी देने बरेली पहुंचे अधिकांश जायरीन बरेली से रुखस्त हो गए हैं। रविवार को दिनभर दरगाह पर हाजिरी का सिलसिला चला। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां से मुलाकात का दौर जारी रहा। दुआओं की इल्तिजा और फिर आने का इरादा लेकर अकीदतमंद अपने घरों को रवाना होते गए। इस दौरान दरगाह प्रमुख और सज्जादानशीन ने सबके हक में दुआएं की।
उर्से रजवी बड़ी शांति के साथ संपन्न हुआ। सभी जायरीन सकुशल अपने घरों को लौटे। कहीं से भी किसी को कोई समस्या नहीं आई। इसके लिए दरगाह प्रबंधन ने जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं को भी सराहा। दरअसल, उर्से रजवी के दौरान डीएम अविनाश सिंह, एसएसी अनुराग आर्य अधिकारियों के साथ जमीन पर डटे रहे। उधर, एडीजी रमित शर्मा, कमिश्नर और डीआईजी भी नजर बनाए रहे। दरगाह प्रबंधन और उर्से रजवी में आए जायरीन, सभी ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का सम्मान और सहयोग किया। इस तरह बरेली जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की बेहतरीन तस्वीर पेश करने में सफलता प्राप्त की।
चांद की तारीख पर कुल
चांद की तारीख के आधार पर रविवार को भी आला हजरत के कुल की रस्म अदा की गई। दोपहर 2:38 बजे दरगाह पर कुल हुआ। आला हजरत की दरगाह के अलावा दरगाह ताजुश्शरिया, ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी, आला हजरत ट्रस्ट, दरगाह शाहदाना वली समेत कई जगह उर्स की रस्म अदा की गई।
स्टेशन पर रही जायरीन की भीड़
उर्से रजवी में दूसरे राज्य और शहरों से आए जायरीन रविवार को भी विदा होते रहे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। रेलवे जंक्शन पर जायरीन की खूब भीड़भाड़ रही। रोडवेज बस अड्डा और अपने वाहनों से जायरीन रवाना होते रहे।
सैकड़ों जोड़ी चप्पल छूटीं
उर्से रजवी में लाखों की भीड़ उमड़ी थी। दरगाह परिसार के बाहर सैकड़ों जोड़ी जूतेचप्पल छूट गए। भीड़ का ऐसा मंजर था कि हाजिरी के बाद लोगों को संभलना मुश्किल था। ऐसे में लोग खुद को संभालकर निकलते रहे। इस तरह सैकड़ों जोड़ी जूते चप्पल रह गए। रविवार को उन्हें हटावया गया।