
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में विकास के साथ त्रेतायुग की स्मृतियों को भी नए स्वरूप में संजोया जा रहा है। दीपोत्सव से पहले अयोध्या को दशरथ पथ की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। करीब 15.39 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग साकेत पेट्रोल पंप से बिल्वहरी घाट स्थित महाराज दशरथ के समाधि स्थल तक बनाया जा रहा है। यह मार्ग न केवल अयोध्या की यातायात व्यवस्था को बेहतर करेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के पिता महाराज दशरथ से जुड़ी धार्मिक और ऐतिहासिक स्मृतियों से भी जोड़ेगा।
419 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा दशरथ पथ
दशरथ पथ परियोजना की कुल लागत करीब 418.98 करोड़ रुपये है। करीब 14 मीटर चौड़े इस फोरलेन मार्ग का लगभग 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता शशांक पाण्डेय के मुताबिक, परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। मार्ग तैयार होने के बाद अयोध्या के स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से सजेगा रामनगरी का नया मार्ग
दशरथ पथ को आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया जा रहा है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। मार्ग पर आकर्षक लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा करीब एक मीटर चौड़ा फुटपाथ और बीच में डिवाइडर बनाया जाएगा। यानी यहां श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क के साथ पैदल चलने की सुविधा भी मिलेगी। रात के समय प्रकाश व्यवस्था इस मार्ग की खूबसूरती को और बढ़ाएगी।
दशरथ पथ पर दिखेगा योग और शौर्य का संगम
दशरथ पथ की सबसे खास बात यहां स्थापित किए जाने वाले 30 मुद्रा स्तंभ होंगे। इन स्तंभों को स्थापित करने पर करीब 82.68 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। करीब हर 500 मीटर की दूरी पर एक स्तंभ लगाया जाएगा। इनमें 15 स्तंभों पर योग मुद्राएं, 15 स्तंभों पर शस्त्र मुद्राएं प्रदर्शित की जाएंगी। प्रत्येक स्तंभ करीब छह फीट ऊंचा होगा। योग मुद्राओं के जरिए भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और संस्कृति को दर्शाया जाएगा। वहीं, शस्त्र मुद्राओं में सनातन परंपरा के वीरता और शौर्य को प्रदर्शित किया जाएगा। वायु, अग्नि और आयु जैसी योग मुद्राएं इन स्तंभों का खास आकर्षण होंगी। रात में रोशनी के बीच ये स्तंभ दशरथ पथ की सुंदरता बढ़ाएंगे और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।
अयोध्या के पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
दशरथ पथ के निर्माण से अयोध्या की यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के साथसाथ शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को महाराज दशरथ के समाधि स्थल तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही मार्ग पर बनने वाले मुद्रा स्तंभ और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था इसे अयोध्या के प्रमुख पर्यटन मार्गों में शामिल कर सकती है। दीपोत्सव से पहले दशरथ पथ के तैयार होने से रामनगरी आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ त्रेतायुग की स्मृतियों से जुड़ने का एक नया अनुभव मिलने की उम्मीद है।