
लखनऊ: नवाबी शहर लखनऊ अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन शहर में एक ऐसा धार्मिक स्थल भी है जिसे स्थानीय स्तर पर ‘काशी’ कहा जाता है। मान्यता है कि यहां एक ही क्षेत्र में करीब 30 छोटेबड़े शिवालय मौजूद हैं, जहां भगवान शिव के अलगअलग स्वरूपों के दर्शन किए जा सकते हैं।
इस धार्मिक क्षेत्र की खासियत यह है कि यहां बड़ा शिवाला, मंझला शिवाला और छोटा शिवाला जैसे प्राचीन शिव मंदिर भी बताए जाते हैं। श्रद्धालुओं के बीच इस स्थान को लेकर विशेष आस्था है और यहां दर्शन को सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है।
एक ही क्षेत्र में करीब 30 शिवालय
स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस पूरे इलाके में छोटेबड़े मिलाकर करीब 30 शिवालय हैं। इसी वजह से इसे लखनऊ की ‘काशी’ कहे जाने का उल्लेख मिलता है।
इनमें तीन प्रमुख शिवालयों के नाम बड़ा शिवाला, मंझला शिवाला और छोटा शिवाला बताए जाते हैं। सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की विशेष आवाजाही रहती है।
बड़े शिवाला की खासियत है 108 शिवलिंग
इन शिवालयों में बड़ा शिवाला अपने आकार और धार्मिक संरचना के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां मान्यता है कि शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाने से 108 शिवलिंगों पर जल अर्पित हो जाता है।
इसके पीछे मंदिर की संरचना को कारण बताया जाता है। जानकारी के अनुसार, शिवलिंग के अरघे में कुल 108 शिवलिंग बने हुए हैं।
बड़ा शिवाला खीर भवानी मंदिर प्रांगण स्थित संकटा माता मंदिर में बताया जाता है।
चौपटिया के रानी कटरा से पहुंच सकते हैं
इस धार्मिक स्थल तक पहुंचने के लिए चौपटिया स्थित रानी कटरा जाना होता है। यहां स्थित संकटा माता मंदिर में श्रद्धालुओं को बड़ा शिवाला, मंझला शिवाला और छोटा शिवाला के दर्शन प्राप्त होते हैं।
लखनऊ के इस धार्मिक क्षेत्र की विशेषता एक ही जगह पर कई शिवालयों की मौजूदगी है, जिसके कारण यह शिवभक्तों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
सावन में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की आस्था
सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में लखनऊ के इस क्षेत्र में भी शिवभक्तों की आस्था और धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं।
30 शिवालयों की मौजूदगी और बड़े शिवाला से जुड़ी 108 शिवलिंगों की मान्यता इस स्थान को लखनऊ के अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है।