
लखनऊ, अमृत विचार प्रदेश में गोवंशों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, आधुनिक चिकित्सा पद्धित द्वारा उनका इलाज कराने और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के मूल उद्देश्य को लेकर पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने पहल शुरू की है। इसके लिए विभाग के समक्ष आ रही सबसे बड़ी समस्या संसाधनों की आ रही है, जिसे देखते हुए पशुचिकित्सकों, फार्मासिस्ट एवं पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती करने का निर्णय लिया है। जल्द ही जनपदों में 3098 पदों पर भर्ती की जाएगी।
गौरतलब हो कि प्रदेश की योगी सरकार गोवंश को लेकर बहुत ही सचेत है, और लगातार पंचम तल से मॉनिटरिंग भी की जा रही है। गोवंशों की देखभाल और रखरखाव आदि के लिए विभाग को पर्याप्त बजट दिया जा रहा है, लेकिन संसाधनों के अभाव में बजट का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। इस दौरान शासन ने सर्वप्रथम विभाग में भर्ती करने का निर्णय लिया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इसी वर्ष दिसंबर माह तक भर्तियां पूरी कर लेनी है। पूरे प्रदेश में पशु चिकित्साधिकारियों के 2200 पद सृजत बताए जा रहे हैं, जिसके सापेक्ष 60 फीसदी पद रिक्त हैं। फिलहाल पशु चिकित्साधिकारी पद के लिए विभाग की ओर से 538 पदों का अधियाचन यूपीपीएससी को भेजा गया है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। फार्मासिस्ट के 1309 पदों पर भर्ती होगी जबकि पशुधन प्रसार अधिकारी के 1251 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएंगी।
इसके लिए 3 अक्टूबर 2026 को परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए इसी सप्ताह विज्ञापन जारी किया जाएगा। कुल मिलाकर 3098 पदों पर भर्तियां संभावित है। अधिकारियों के मुताबिक चूंकि जून माह में बहुत से अधिकारी और कार्मिक सेवानिवृत्त हो जाएंगे, इसे देखते हुए भर्तियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
मुकेश मेश्राम, अपर मुख्य सचिव,
पशुपालन विभाग।
क्या बोले अपर मुख्य सचिव…
विभाग में कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और गोवंशों के स्वास्थ्य की देखभाल करना बड़ा लक्ष्य है, जिसे देखते हुए जल्द ही भर्तियां होंगी। 03 अक्टूबर तक परीक्षा आयोजित होने की सूचना मिल रही है। उक्त भर्तियां सरकारी होंगी। इसके अलावा करीब 2500 मल्टी टॉस्किंग वर्करों की भर्ती आउट सोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी… मुकेश मेश्राम, अपर मुख्य सचिव, पशुपालन विभाग।