कृषि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा पदक हासिल करने में छात्राओं ने फिर छात्रों को छोड़ा पीछे

कृषि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा पदक हासिल करने में छात्राओं ने फिर छात्रों को छोड़ा पीछे

कुमारगंज । अमृत विचार : बेटियों के लिए कृषि के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। इसमें वो अपना बेहतर भविष्य बनाने के साथसाथ देश व कृषि के विकास में भी अपना अहम योगदान दे सकतीं हैं। अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए छात्राओं ने एक बार फिर छात्रों को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन उपाधियां प्राप्त करने में छात्राओं का पीछे रहना चिंताजनक है। इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। ये बातें सोमवार को राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहीं। वो आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस मैनेजमेंट सभागार में आयोजित 28वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहीं थीं।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में और गांव की आत्मा किसानों में बसती है। किसान देश की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण जीवन की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी का उपयोग किसानों के जीवन को बेहतर बनाने में करें।

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राज्यपाल ने कहा कि अन्न की बर्बादी रोकना और अन्नदाता के श्रम के साथ प्रकृति एवं मिट्टी का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। भविष्य केवल खेतों में ही नहीं, विश्वविद्यालयों और प्रयोगशालाओं में भी तैयार होगा। कृषि के सामने आज केवल उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि पर्यावरण, मिट्टी की उर्वरता, छोटे व सीमांत किसानों की आय को सुरक्षित रखने समेत कई चुनौतियां है। इन समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब नीति निर्माता, किसान, कृषि विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान और वैज्ञानिक एक मंच पर आकर संवाद करें।

राज्यपाल ने कहा कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग के लिए वर्ष 202627 में 6,153 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में भी 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कुलाधिपति ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय द्वारा आधुनिक कृषि शिक्षा, शोध, नवाचार और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयां हासिल करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में विदेशी विद्यार्थियों का प्रवेश होना भी सराहनीय उपलब्धि है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में विश्वविद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह सहित विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।

राज्यपाल ने कहा कि ड्रोन दीदियां दवा का छिड़काव कर किसानों की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कृषि केवल सामान्य उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण उद्योग और रोजगार का भी आधार है। किसानों की आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना करोड़ों किसान परिवारों के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।

उन्होंने कहा कि ऐसी कृषि व्यवस्था विकसित करनी होगी, जिसमें किसान केवल उत्पादन तक सीमित न रहे, बल्कि तकनीक का स्वामी, बाजार का सहभागी और कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत उद्यमी बने। उन्होंने बताया कि सात जुलाई 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री ने ”प्रगति पल” का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमी के रूप में तैयार करना तथा देश के 20 लाख छोटे एवं सीमांत किसानों की आय, उत्पादकता और आजीविका को सशक्त बनाना है।

आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

इससे पूर्व कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान व विश्वविद्यालय कुलगीत से हुआ। कुलपति ने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम व पौध भेंटकर सम्मानित किया। मंच का संचालन डॉ. सीताराम मिश्रा ने किया। इस मौके पर मंडलायुक्त अयोध्या राजेश कुमार, प्रबंध परिषद के सदस्य, जिलाधिकारी अमेठी, जिलाधिकारी अयोध्या, जिलाधिकारी अंबेडकरनगर, विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष एवं पदक और उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रछात्राएं मौजूद रहे।

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