
पीलीभीत, अमृत विचार। जिले के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक और व्यावहारिक अनुभव देने के लिए 22 अगस्त से बैगलेसडे अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान 14 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत प्रत्येक शनिवार विद्यार्थियों को स्कूल बैग और किताबों के बोझ से मुक्त रखते हुए उनकी रुचि के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।
बैगलेसडे के दौरान खेल, कला, रचनात्मक कार्य, संवाद और अन्य व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने पर जोर दिया जाएगा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, संवाद कौशल, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करना है। जिले में कुल 1495 परिषदीय विद्यालय हैं। बीएसए रोशनी सिंह ने बताया कि बैगलेसडे का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों और पारंपरिक कक्षा शिक्षण तक सीमित न रखना है। गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को नए तरीके से सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा।
अभियान के तहत प्रत्येक शनिवार बच्चों के लिए अलगअलग गतिविधियां निर्धारित की जाएंगी। इनमें खेलकूद, कला, रचनात्मक कार्य, संवाद, समूह गतिविधियां और अन्य व्यावहारिक कार्य शामिल होंगे। शिक्षक भी इन गतिविधियों में बच्चों के साथ सक्रिय रूप से भाग लेंगे और उनकी रुचि एवं प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने का प्रयास करेंगे।
भारी स्कूल बैग से मिलेगी राहत
बैगलेसडे के दिन विद्यार्थियों को सामान्य दिनों की तरह भारी स्कूल बैग और किताबें लेकर विद्यालय नहीं आना होगा। गतिविधियों के जरिए बच्चे मनोरंजक तरीके से सीखेंगे और अपने अनुभवों को साझा करेंगे। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ने के साथसाथ उनके सामाजिक, रचनात्मक और व्यावहारिक कौशल का भी विकास होगा।
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