
अयोध्या, अमृत विचार : बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में लगातार घट रहे छात्र नामांकन को गंभीरता से लिया है। नए शैक्षिक सत्र में शतप्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने अब कम नामांकन वाले स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही तय करने का निर्णय लिया है। ऐसे विद्यालय जहां लक्ष्य के सापेक्ष नामांकन 60 प्रतिशत से कम है या नामांकन की तुलना में छात्रों की उपस्थिति बेहद कम है, वहां के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
31 अगस्त तक पूरा करना होगा लक्ष्य
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नए शैक्षिक सत्र में अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके बावजूद जिले के कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या लगातार कम हो रही है। विभाग का मानना है कि बच्चों के नामांकन में कमी का एक कारण अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति कम रुझान है। सभी विद्यालयों को 31 अगस्त तक निर्धारित नामांकन लक्ष्य पूरा करना होगा। इसके लिए कम नामांकन वाले स्कूलों की हर महीने समीक्षा की जाएगी।
एक किलोमीटर के दायरे में घरघर होगा सर्वे
बीएसए लालचंद ने बताया कि प्रत्येक प्रधानाध्यापक को अपने विद्यालय के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में घरघर जाकर सर्वे करना होगा। सर्वे के दौरान छह से 14 वर्ष की आयु के ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जाएगा, जो अभी स्कूल से बाहर हैं। चिन्हित बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। बच्चों का स्कूल में नामांकन कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।