
बरेली, अमृत विचार। कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित महिला ने अपनी जवान बेटी के साथ खुद पर तेल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद एलआईयू और पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए समय रहते दोनों को दबोच लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कैंट पुलिस पीड़ित परिवार को अपने साथ ले गई है और मामले में जांच कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
10:47 बजे हुआ घटनाक्रम, पुलिस ने दिखाई तत्परता
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना बुधवार सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर हुई। जैसे ही पीड़ित महिला ने खुद पर और अपनी बेटी पर तेल डाला, पिछली बार की तरह ही वहां मौजूद इंटेलिजेंस सब इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह ने फुर्ती दिखाते हुए महिला को दबोच लिया। सुरक्षा में तैनात एलआईयू के अमित कुमार सहित अन्य महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों ने भी तुरंत भागकर मोर्चा संभाला। सूचना मिलने पर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार को सुरक्षित थाने ले गई।
क्या है पूरा मामला?
आत्मदाह का प्रयास करने वाली महिला कमलेश कैंट थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुर चिकिटिया की रहने वाली हैं। उनका अपने जेठ के परिवार से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। महिला का आरोप है कि गाटा संख्या139 में उसकी करीब चार बिस्वा जमीन है, जिस पर उसके जेठ राजवीर सिंह अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। 14 जून की सुबह करीब 7 बजे जब महिला अपनी जमीन पर पहुंची, तो राजवीर सिंह, उसके बच्चे सत्यदेव और अवनेश वहां बुनियाद भरवा रहे थे। विरोध करने पर जेठ और जेठानी ने गालीगलौज की और मारपीट पर आमादा हो गए। पीड़िता ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था।
पति मानसिक रूप से बीमार, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार
कमलेश ने थाना प्रभारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि उसके पति मानसिक रूप से अस्वस्थ रहते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है। उसने पुलिस से जमीन पर अवैध कब्जा रोकने, परिवार को सुरक्षा देने और जेठजेठानी समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे बड़े सवाल
कलेक्ट्रेट परिसर में लगातार सामने आ रही आत्मदाह के प्रयास की घटनाओं ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: SSP ऑफिस में फायर ब्रिगेड की गाड़ी हमेशा तैनात रहती है, लेकिन कलेक्ट्रेट परिसर में आग बुझाने या बचाव के लिए न तो फायर ब्रिगेड की कोई व्यवस्था है और न ही आपात स्थिति के लिए कंबल उपलब्ध हैं। बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर भूमाफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों को किसकी शह मिल रही है, जिससे त्रस्त होकर आम जनता को आत्मदाह जैसे खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
ये भी पढ़ें