
बाराबंकी, अमृत विचार बाराबंकी में कोठी थाना क्षेत्र के ठाकुरपुर मजरे इब्राहिमाबाद गांव में 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से ट्यूबवेल का नया कनेक्शन जोड़ने को लेकर पुलिस और ग्रामीण आमनेसामने आ गए। अदालत के आदेश पर कनेक्शन जुड़वाने पहुंची पुलिस टीम से ग्रामीणों की तीखी झड़प हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर दरोगा लालजी यादव ने किसान रामनिवेश को लाठी से पीट दिया, जिससे वह घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। गांव में हंगामा और हाथापाई की स्थिति बनी रही।
ठाकुरपुर गांव में लगे 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से फिलहाल रामनिवेश और रामकुमार के ट्यूबवेल संचालित हो रहे हैं। इसी ट्रांसफार्मर से गांव के रामप्रसाद ने भी ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद रामनिवेश और रामकुमार ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि 25 केवीए ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार पड़ने से समस्या हो सकती है। ग्रामीणों ने नया कनेक्शन देने के बजाय 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की।
मामला अदालत तक पहुंचा। अदालत के आदेश पर जेई राजकुमार पुलिस टीम के साथ नया कनेक्शन जुड़वाने गांव पहुंचे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। टीम में दरोगा लालजी यादव के अलावा सिपाही प्रमोद कुमार, सुरेंद्र कुमार और श्याम सिंह शामिल थे।
ग्रामीणों के मुताबिक कनेक्शन जोड़ने का विरोध करने पर रामनिवेश और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान दरोगा लालजी यादव ने लाठी से रामनिवेश की पिटाई कर दी। बीचबचाव करने पहुंचीं रेखा , सर्वेश कुमारी , नैंसी और छह वर्षीय वैष्णवी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
किसान की पिटाई की खबर फैलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस टीम को घेर लिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिसकर्मियों को बंधक बनाए जाने के साथ हाथापाई की नौबत आ गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस टीम किसी तरह मौके से बाहर निकली। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस बल गांव पहुंचा और घायल रामनिवेश को एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ समीर कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात दोनों पक्षों को थाने बुलाकर मामले की पड़ताल की गई।
वहीं, एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस और विद्युत विभाग की टीम कनेक्शन जुड़वाने गई थी। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। एसपी के अनुसार, मौके पर दोनों पक्षों के बीच केवल बहस हुई है और मारपीट का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।