
कानपुर, अमृत विचार। जूही क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। संत रविदास नगर, बिनोवा नगर, राखी मंडी और बारा देवी समेत कई इलाकों में घरों में काला, बदबूदार और दूषित पानी पहुंचने से लोग परेशान हैं। हालात यह हैं कि लोग पीने के पानी के साथ कपड़े धोने के लिए भी पानी खरीदने को मजबूर हैं। वहीं नगर निगम के टैंकरों से पानी भरने के लिए लोग ठेले और साइकिल पर बड़ेबड़े डिब्बे लेकर पहुंच रहे हैं।
वार्ड14 किदवई नगर सब्जी मंडी की पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने बुधवार को नगर निगम के जोन3 कार्यालय पहुंचकर जलकल विभाग के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। पार्षद के मुताबिक बारा देवी क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या को लेकर वह पहले गड्ढे में उतरकर प्रदर्शन और भूख हड़ताल भी कर चुकी हैं। उस समय जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता ने जल्द समस्या दूर करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया था।
पार्षद ने कहा कि अब भी जूही के अधिकांश हिस्सों में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। राखी मंडी की स्थिति सबसे खराब है। यहां लोग साइकिल, ठेला और ट्रॉली से पानी ढो रहे हैं। छोटे बच्चों तक को स्कूल जाने के बजाय टैंकरों से पानी भरने में मदद करनी पड़ रही है। उन्होंने कई समर्सिबल पंपों के पानी में क्रोमियम जैसे हानिकारक तत्व होने की आशंका जताते हुए जांच की मांग की।
उन्होंने बताया कि अधिशासी अभियंता के कार्यालय में मौजूद न होने पर ज्ञापन सहायक अभियंता को सौंपा गया। पार्षद के अनुसार जलकल अधिकारियों ने गंगा बैराज से पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारण लाइनों में दूषित पानी पहुंचने की बात स्वीकार की है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स वसूलने वाले विभाग की जिम्मेदारी है कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए।
पार्षद ने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह जलकल विभाग के खिलाफ कोर्ट जाएंगी। साथ ही मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से मिलकर समस्या उठाएंगी। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से समझौता नहीं होने दिया जाएगा और समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।