Auraiya News: शादी के दो साल बाद रजनी की मौत, अब पतिसास को 77 साल की सजा; दहेज हत्या में कोर्ट का फैसला

Auraiya News: शादी के दो साल बाद रजनी की मौत, अब पतिसास को 77 साल की सजा; दहेज हत्या में कोर्ट का फैसला

औरैया: चार साल पुराने दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पारुल जैन की अदालत ने पति और सास को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को सातसात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 1515 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों को एकएक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामला बेला थाना क्षेत्र के ग्राम नंदपुर से जुड़ा है।

2020 में हुई थी रजनी की शादी

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभूषण तिवारी ने अदालत को बताया कि सहायल थाना क्षेत्र के ग्राम पूर्वा फकीरे निवासी विकास ने बेला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

शिकायत के मुताबिक विकास की बहन रजनी की शादी 25 मई 2020 को नंदपुर निवासी हर्ष कुमार के साथ हुई थी। मायके पक्ष का कहना था कि शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार दानदहेज दिया गया था।

आरोप था कि शादी के बाद ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज में मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये की मांग की जाने लगी।

दो साल बाद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

मामले के अनुसार, 6 जून 2022 को रजनी की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज की मांग को लेकर रजनी की हत्या करने का आरोप लगाया था।

इसके बाद पति हर्ष कुमार, सास निर्मला देवी के अलावा ननद और ननदोई के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया था।

कोर्ट में दोनों पक्षों ने रखीं दलीलें

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दहेज की मांग और शादी के करीब दो वर्ष बाद महिला की मौत के मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की।

वहीं बचाव पक्ष ने पति हर्ष कुमार की उम्र 31 वर्ष और सास निर्मला देवी की उम्र 64 वर्ष होने का हवाला दिया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। बचाव पक्ष ने दोनों की आर्थिक स्थिति और कोई आपराधिक इतिहास नहीं होने की बात रखते हुए अदालत से सजा में नरमी बरतने की अपील की।

पति और सास को सातसात साल की सजा

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पारुल जैन ने पति हर्ष कुमार और सास निर्मला देवी को दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या का दोषी पाया।

अदालत ने दोनों को सातसात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 1515 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर एकएक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

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