
Fatty Liver Remedy: हॉर्मोन उत्पादन से लेकर प्रोटीन संश्लेषण तक लिवर शरीर के 500 से अधिक महत्वपूर्ण कार्य करता है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी शराब और जंक फूड का असर सबसे ज्यादा लिवर पर ही पड़ता है। अगर आप भी फैटी लिवर या सुस्ती महसूस कर रहे हैं तो आयुर्वेद का यह एक गिलास जूस आपके लिवर की सर्विसिंग कर उसे नई जान दे सकता है।
हमारा की तरह काम करता है जो खून से टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को बाहर निकालता है। जब हम अधिक प्रोटीन, शराब या तला-भुना खाना खाते हैं तो लिवर पर काम का बोझ बढ़ जाता है। इससे लिवर में सूजन या फैटी लिवर जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। आयुर्वेद के अनुसार सुबह खाली पेट एक खास डिटॉक्स ड्रिंक का सेवन करने से लिवर की कार्यक्षमता को दोबारा सुधारा जा सकता है।
कैसे तैयार करें यह जूस
इस जूस को बनाने के लिए आपको गाजर, सेब, चकोतरा और पुदीना की आवश्यकता होगी। इन चारों को मिक्सर में पीसकर जूस निकाल लें। ध्यान रहे कि इसमें चीनी या नमक का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इसका अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसे सुबह खाली पेट पिएं।
इस जूस की खूबियां
- गाजर लिवर की कोशिकाओं को मजबूती देती है और उन्हें डैमेज होने से बचाती है। यह लिवर पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में भी कारगर है।
- सेब में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण लिवर की सूजन को कम करते हैं और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं।
- चकोतरा फल लिवर में उन एंजाइम्स को सक्रिय करता है जो प्रोटीन के पाचन और अवशोषण में सहायता करते हैं।
- पुदीना न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि लिवर के रास्तों में होने वाली रुकावटों को भी साफ करता है।
पीलिया और फैटी लिवर में भी असरदार
यह जूस न केवल स्वस्थ लोगों के लिए बल्कि पीलिया और के मरीजों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। यह लिवर को नई ताजगी और काम करने की ऊर्जा प्रदान करता है।
सिर्फ जूस ही नहीं लिवर को हेल्दी रखने के लिए अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और क्लोरोफिल लिवर को गहराई से साफ करते हैं। साथ ही आयुर्वेद सूर्यास्त के बाद भारी भोजन से बचने की सलाह देता है। अगर रात में भूख लगे तो मूंग दाल की खिचड़ी या वेजिटेबल सूप जैसे हल्के आहार का ही सेवन करें।



