
आज यानी 14 अगस्त 2026 को बुध और मंगल के बीच दशांक योग बनेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दोपहर 12 बजकर 37 मिनट पर दोनों ग्रह करीब 36 डिग्री के कोण पर आएंगे। वर्तमान निरयन गोचर में मंगल मिथुन राशि में 7 डिग्री से अधिक और बुध कर्क राशि में करीब 13 डिग्री पर स्थित हैं।
बुध पुष्य नक्षत्र और मंगल आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। सबसे खास बात तो यह है कि कर्क राशि में बुध के साथ उच्च अवस्था में गुरु मौजूद है। इससे संयोग का महत्व अधिक बढ़ गया है।
ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, तर्क, व्यापार, गणना, संवाद और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। वहीं, मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, तकनीकी दक्षता और काम को अंजाम तक पहुंचने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है।
वैसे इन दोनों ग्रहों का संबंध उन क्षेत्रों के लिए फायदेमंद है, जो कि रणनीति के साथ तुरंत एक्शन जरुरी होता है। लेकिन इसका प्रभाव कुछ ही राशियों पर पड़ेगा। आइए आपको बताते हैं कौन हैं, ये लकी राशियां।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पंचम भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव में है। वैसे यह भाव प्रयास, संवाद, लेखन, मार्केटिंग और नेटवर्क से जुड़ा होता है। वहीं, मंगल सातवें और बारहवें भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव में स्थित हैं। ऐसे में कम्यूनिकेशन और स्किल के संबंधित कमाई के अवसर बढ़ जाते हैं। इस राशि के लोगों को मीडिया, सेल्स, कंटेंट, डिजिटल बिजनेस और कंसल्टिंग से संबंधित लोगों को नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। लेकिन बोलचाल में संयम रखना बेहद जरुरी है।
कन्या राशि
कन्या राशि के लोगों के लिए बुध लग्न और कर्म भाव के स्वामी होकर लाभ भाव में हैं। मंगल तीसरे और आठवें भाव के स्वामी होकर कर्म भाव में स्थित हैं। कन्या राशि के लोगों को नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती हैं। महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिलने के चांस हैं। मेहनत करने से अच्छा परिणाम और वरिष्ठों से प्रशंसा मिलने के योग है। बिजनेस को पुराने संपर्कों और नए क्लाइंट से फायदा मिल सकता है। इसलिए प्रयास करने बेहद ही जरुरी है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल योगकारक ग्रह हैं और इस समय लाभ भाव में स्थित हैं। जो कि आय, नेटवर्क और इच्छापूर्ति से संबंधित मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। जबकि बुध दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी होकर बारहवें भाव में है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। विदेशी कंपनियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, आईटी, मीडिया और इंटरनेशनल क्लाइंट से संबंधित लोगों को लाभ मिलेगा।
तुला राशि
तुला राशि में बुध नवम और बारहवें भाव के स्वामी होकर दशम भाव में हैं, बल्कि मंगल दूसरे और सातवें भाव के स्वामी होकर नवम भाव में मौजूद है। इससे भाग्य और कर्म का संबंध मजबूत होगा। नौकरी बदलने के लिए बेहतर समय है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में विदेश या बड़े संस्थानों से जुड़े अवसर बन सकते हैं। दशम भाव में उच्च गुरु की उपस्थिति भी पॉजिटिव संकेत दे रही है।
मीन राशि
मीन राशि के लिए मंगल दूसरे और नवम भाव के स्वामी होकर चौथे भाव में है। बुध चौथे और सातवें भाव के स्वामी होकर पंचम में स्थित है। मीन राशि के जातकों को धन, शिक्षा, संपत्ति और पार्टनरशिप से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है। प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है। विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकता है। बिजनेस में पार्टनरशिप फायदेमंद साबित होगी और उच्च गुरु की मौजूदगी शिक्षा व रचनात्मक कार्यों के लिए सकारात्मक असर बढ़ाएगा।