देश में आएगी नौकरियों की महासुनामी! 7 राज्यों में बना 12 लाख यूथ को जॉब देने का प्लान

देश में आएगी नौकरियों की महासुनामी! 7 राज्यों में बना 12 लाख यूथ को जॉब देने का प्लान

क्या भारत दुनिया की बैकऑफिस राजधानी से निकलकर अब ग्लोबल कंपनियों का ‘ब्रेन सेंटर’ यानी टेक और इनोवेशन हब बन चुका है? देश की टॉप रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म CBRE की ताजा रिपोर्ट ने भारतीय जॉब मार्केट और कॉरपोरेट सेक्टर के लिए बेहद खुशखबरी भरी तस्वीर पेश की है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 7 प्रमुख राज्य वर्ष 2031 तक 1,380 से अधिक नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का महाप्लान बना रहे हैं.

इस बड़े विस्तार से देश में आईटी, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फाइनेंस जैसे हाईपेइंग सेक्टर्स में 12 लाख से अधिक नई नौकरियों का सृजन होने का अनुमान है. आखिर क्या होते हैं ये GCCs? क्यों दुनिया की दिग्गज फर्में भारत के इन 7 राज्यों का रुख कर रही हैं? और युवाओं के लिए इसमें कौनसे बड़े मौके छिपे हैं? आइए, आसान और सरल भाषा में समझते हैं इस मेगा ‘जॉब बूम’ की पूरी इनसाइड स्टोरी…

1380 जीसीसी और 12 लाख जॉब

CBRE के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत सात राज्यों ने 1,380 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स बनाने में मदद के लिए खास पॉलिसीज बनाई हैं. इनका लक्ष्य 2031 तक 12 लाख अतिरिक्त नौकरियां पैदा करना है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट CBRE ने शुक्रवार को ‘द पॉलिसी एडवांटेज: पावरिंग इंडियाज़ GCC ग्रोथ’ नाम से एक रिपोर्ट जारी की. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सात राज्यों कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, केरल, हरियाणा और मध्य प्रदेश का लक्ष्य अपने राज्यों में लगभग 1,380 GCCs स्थापित करना है, जिससे 2031 तक कुल मिलाकर लगभग 11.8 लाख नौकरियां पैदा होंगी.

CBRE के चेयरमैन और CEO अंशुमन मैगजीन ने कहा कि जिस तेजी से राज्य सरकारों ने खास GCC पॉलिसीज बनाई हैं, वह भारत के कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर में पहले कभी नहीं देखा गया. उन्होंने आगे कहा कि इससे यह बात साफ होती है कि अब ये सेंटर भारत की सर्विस इकॉनमी का कोई मामूली हिस्सा नहीं रह गए हैं, बल्कि एक मुख्य आधार बन गए हैं. राज्य खास इंसेंटिव, तेज़ी से मंज़ूरी और लंबे समय के इंफ्रास्ट्रक्चर वादों के ज़रिए इन्हें अपने यहाँ लाने के लिए सक्रिय रूप से मुकाबला कर रहे हैं.

किस राज्य में कितनी जॉब?

  1. कंसल्टेंट ने बताया कि कर्नाटक का लक्ष्य 500 GCCs का है, जिनसे 3.5 लाख नौकरियां पैदा होंगी.
  2. महाराष्ट्र का लक्ष्य 200 GCCs का है, जिसमें 4 लाख नई नौकरियों की गुंजाइश है.
  3. राजस्थान राज्य 200 से ज़्यादा GCCs पर विचार कर रहा है, जिनसे 1.5 लाख नौकरियों की संभावना है.
  4. गुजरात का लक्ष्य 250 से ज़्यादा GCCs का है और उसे 50,000 रोज़गार के मौकों की उम्मीद है.
  5. केरल का लक्ष्य 80 GCCs का है, जिनसे 1.6 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है.
  6. हरियाणा में, राज्य सरकार का लक्ष्य 100 से ज़्यादा GCCs का है, जिनसे 30,000 नौकरियां पैदा होंगी.
  7. इसी तरह, मध्य प्रदेश का लक्ष्य 50 से ज़्यादा GCCs और 37,000 नौकरियां पैदा करना है.

ये राज्य भी कर रहे हैं कोशिश

अन्य राज्यों के बारे में, CBRE ने कहा कि तमिलनाडु ने GCC कर्मचारियों के लिए खास इंसेंटिव शुरू किए हैं. तेलंगाना और दिल्ली ने GCC इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी फ्रेमवर्क अपनाए हैं. कई अन्य राज्य भी इस सेक्टर के लिए पॉलिसी फ्रेमवर्क पर विचार कर रहे हैं, जिनमें केरल भी शामिल है, जिसने GCC पॉलिसीज का ड्राफ्ट पेश किया है. रिपोर्ट के अनुसार, GCCs ने 2022 और 2026 के शुरुआती छह महीनों के बीच भारत के टॉप 9 शहरों में 123 मिलियन स्क्वेयर फीट से ज्यादा ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है.

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