Bad Cholesterol: बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए क्या खाएं? जानें सही डाइट

Bad Cholesterol: बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए क्या खाएं? जानें सही डाइट

कोलेस्ट्रॉल बढ़ना आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है. शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर यह नसों में जमा हो सकता है, जिससे उनमें ब्लॉकेज का खतरा बढ़ सकता है. लंबे समय तक ज्यादा कोलेस्ट्रॉल रहने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. कोलेस्ट्रॉल शरीर में पाया जाने वाला एक मोम जैसा पदार्थ है, जिसकी शरीर को कुछ जरूरी कामों के लिए जरूरत होती है, लेकिन इसकी मात्रा ज्यादा होना सेहत के लिए परेशानी बन सकता है.

बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें गलत खानपान भी शामिल है. ज्यादा तलाभुना खाना, मक्खन, घी, फैटी मीट, फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स और ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाली चीजें डाइट का हिस्सा बनने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है. ऐसे में खानपान में सुधार करना जरूरी है. डाइट में सही चीजों को शामिल करने से कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर डाइट में किन हेल्दी फूड्स को शामिल किया जा सकता है.

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए खाएं ये फूड्स

कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने के लिए डाइट में कुछ हेल्दी फूड्स शामिल किए जा सकते हैं. ओट्स और जौ में सॉल्यूबल फाइबर होता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल के एब्जॉर्पशन को कम करने में मदद कर सकता है. बीन्स और दालों में भी फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. बादाम और अखरोट जैसे नट्स में हेल्दी फैट, फाइबर और दूसरे पोषक तत्व होते हैं.

एवोकाडो में मोनोअनसैचुरेटेड फैट और फाइबर पाया जाता है. सैल्मन, सार्डिन और टूना जैसी फैटी फिश में ओमेगा3 फैटी एसिड होता है, जो ट्राइग्लिसराइड्स को मैनेज करने में मदद कर सकता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ऑलिव ऑयल में भी हेल्दी मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है. इन चीजों को डाइट में शामिल करने के साथ ज्यादा सैचुरेटेड और ट्रांस फैट वाली चीजों को कम करना भी जरूरी है.

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने के लिए ये भी जरूरी

सिर्फ डाइट में बदलाव करना ही काफी नहीं है, बल्कि लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देना जरूरी है. रोज फिजिकल एक्टिविटी करने से हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करने और कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में मदद मिल सकती है. इसके साथ स्ट्रेस को कम करना भी जरूरी है. इसके लिए वॉक, योग, मेडिटेशन या अपनी पसंद की कोई एक्टिविटी की जा सकती है.

पर्याप्त नींद लेना भी ओवरऑल हेल्थ के लिए जरूरी है. धूम्रपान से बचना और शराब का सेवन कम करना भी हार्ट हेल्थ के लिए बेहतर माना जाता है. अगर डॉक्टर ने दवा दी है, तो उसे अपनी मर्जी से बंद न करें.

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का पता कैसे चलता है?

ज्यादातर मामलों में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देता. इसलिए सिर्फ शरीर में होने वाले बदलावों से यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है या नहीं. हाई कोलेस्ट्रॉल का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट यानी लिपिड पैनल की जरूरत पड़ती है.

अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें और जांच करवाएं. खासकर अगर परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट से जुड़ी समस्या रही है, तो डॉक्टर से अपने लिए सही जांच और जांच की जरूरत के बारे में बात करना बेहतर है.

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