स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में बिगड़ेगा मौसम? यूपीबिहार से लेकर हिमाचलमहाराष्ट्र तक भारी बारिश, असम से लेकर केरलम तक जानें 19 राज्यों का हाल

स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में बिगड़ेगा मौसम? यूपीबिहार से लेकर हिमाचलमहाराष्ट्र तक भारी बारिश, असम से लेकर केरलम तक जानें 19 राज्यों का हाल

15 August 2026 Weather: भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, इस राष्ट्रीय पर्व के उत्साह के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल को लेकर बड़ा पूर्वानुमान जारी किया है. बंगाल की खाड़ी में बने दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी हवाओं के कारण दिल्लीNCR से लेकर उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के राज्यों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने लाल किले और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए विशेष मौसम पूर्वानुमान जारी किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराए जाने के समय हल्की से मध्यम बारिश रंग में भंग डाल सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, सुबह 6 से 9 बजे के दौरान हल्की बारिश की 60% संभावना जताई गई है. दिल्लीएनसीआर में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और दिनभर रुकरुक कर बौछारें पड़ने व गरजचमक का अलर्ट है. राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश के बावजूद उमस लोगों को परेशान कर सकती है.

दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में 14 से 19 अगस्त तक रुकरुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है. समारोहों में शामिल होने वाले लोगों को छाता या रेनकोट साथ रखने की सलाह दी गई है.

उत्तर प्रदेश: 30 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में रिमझिम बारिश शुरू हो चुकी है. मौसम विभाग ने 15 अगस्त सुबह से 16 अगस्त सुबह के बीच 19 जिलों में भारी बारिश की अधिक संभावना जताई है. ये जिले हैं: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, महोबा और ललितपुर. प्रदेश के करीब 30 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है. विभाग ने गरजचमक और बिजली गिरने को लेकर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है.

मध्य प्रदेश: 21 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक मजबूत मानसूनी सिस्टम एक्टिव है, जिसका असर अगले 4 दिनों तक जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में सबसे ज्यादा दिखेगा. नर्मदापुरम, छतरपुर और उमरिया में अति भारी बारिश का अनुमान है. जबलपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, पन्ना, टीकमगढ़, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है.

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ियों पर ऑरेंज अलर्ट

पहाड़ी राज्यों में बारिश के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है. उत्तराखंड केदेहरादून, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की आशंका है. पिथौरागढ़ जिले में थलमुनस्यारी और जौलजीबीमुनस्यारी मार्ग बंद होने से 100 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है. लाझेकला में नाले उफान पर हैं और हरड़िया में लगातार मलबा गिर रहा है. चारधाम यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है. नदियों व नालों के जलस्तर को देखते हुए पर्यटकों को दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं.

बिहार और झारखंड: मानसून पूरी तरह मेहरबान

बिहार: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद में येलो अलर्ट है. यहां 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. हालांकि पटना, गया, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में बारिश की संभावना कम है, पर बादलों के कारण उमस रहेगी. राज्य के सभी 24 जिलों में बारिश की गतिविधियां एक्टिव हैं. गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश व वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है, जबकि 15 से 18 अगस्त तक राज्यभर में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा.

राजस्थान: 17 जिलों में येलो अलर्ट

राजस्थान में पिछले दिनों की तुलना में मानसूनी गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन पूर्वी और उत्तरी जिलों में बारिश बनी रहेगी. जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा, सीकर, झुंझुनूं समेत 17 जिलों में 3040 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात का येलो अलर्ट है. बीकानेर और जोधपुर संभाग में हल्की बौछारें संभव हैं. 21 से 27 अगस्त के बीच मानसून राज्य में एक बार फिर गति पकड़ेगा.

महाराष्ट्र और गुजरात: तटीय व मैदानी इलाकों का मिजाज

महाराष्ट्र के नागपुर, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, अमरावती, भंडारा और गोंदिया में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पुणे, सतारा, कोल्हापुर और नासिक के घाट क्षेत्रों में भी मध्यम से भारी वर्षा होगी. मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और रत्नागिरी में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं.

गुजरात क्षेत्र के अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, भरूच, गांधीनगर और नवसारी में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. सौराष्ट्र और कच्छ में मौसम शांत रहेगा.

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: व्यापक वर्षा की चेतावनी

दक्षिण भारत की बात करें तो केरलम और तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधीतूफान की संभावना है. मछुअरा समुदाय को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

वहीं, पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अलगअलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश से भूस्खलन व जलभराव का खतरा बना हुआ है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की गई है.

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