Baba Ramdev Statement : ‘सरकारी नौकरियों में 99% तक गड़बड़ी’, बाबा रामदेव बोले सुधार नहीं हुआ तो फिर आंदोलन करना पड़ेगा

Baba Ramdev Statement : ‘सरकारी नौकरियों में 99% तक गड़बड़ी’, बाबा रामदेव बोले सुधार नहीं हुआ तो फिर आंदोलन करना पड़ेगा

Baba Ramdev Statement: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव ने पतंजलि योगपीठ में ध्वजारोहण किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था, सरकारी भर्तियों में कथित गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक माहौल को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।

सरकारी नौकरियों में गड़बड़ी का लगाया आरोप

बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंटरव्यू के दौरान रिश्वत और सिफारिश की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह अपने संगठन, जाति या वर्ग से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाया जाता है और दूसरे योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो ऐसी स्थिति न आए कि उन्हें दोबारा आंदोलन करना पड़े। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अराजकता या आंदोलन के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार जरूरी है। बाबा रामदेव ने कहा कि देश में बहुत कुछ गलत हो रहा है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगानी होगी। उन्होंने भ्रष्टाचार में शामिल लोगों से व्यवस्था सुधारने की अपील करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार देश के शहीदों का अपमान है।

शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

योग गुरु ने स्कूलकॉलेजों की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगह बच्चों को बिजली, पानी और किताबों जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश के छोटेछोटे बच्चे भी आज अपने अधिकारों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। ऐसे हालात को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।

Gen Z को लेकर भी बोले बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने Gen Z के एक वर्ग के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ युवा ‘मेरी मर्जी, मेरा जीवन’ को आजादी मानते हैं, लेकिन मनमर्जी करना आजादी नहीं है। उन्होंने युवाओं से जिम्मेदारी के साथ आजादी का अर्थ समझने और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की अपील की।

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राजनीति में नफरत पर जताई नाराजगी

बाबा रामदेव ने सड़क से लेकर संसद तक बढ़ते राजनीतिक टकराव और नफरत के माहौल पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष को एकदूसरे से इस तरह नहीं लड़ना चाहिए जैसे वे भारत और पाकिस्तान हों। उन्होंने राजनीतिक दलों से देशहित में मिलकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि देश में नफरत की दीवार को तोड़ने की जरूरत है। उनके मुताबिक, राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन आपसी नफरत देश के हित में नहीं है।

‘देश सिर्फ कुछ लोगों का नहीं, 145 करोड़ भारतीयों का है’

बाबा रामदेव ने कहा कि भारत किसी एक व्यक्ति या सत्ता में बैठे कुछ लोगों का देश नहीं है, बल्कि यह सभी 145 करोड़ भारतीयों का है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कुछ कर्तव्य हैं, उसी तरह हर नागरिक की भी देश के प्रति जिम्मेदारी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार और नफरत के खिलाफ संकल्प लेने और देशहित को सबसे ऊपर रखने की अपील की।

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