
दुबई/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के संबंध एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर पहुंच गए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का सरेआम आह्वान किए जाने के बाद, ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त और विनाशकारी लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप के इस बयान ने क्षेत्र में जारी उस नाजुक अंतरिम संघर्ष विराम समझौते को लगभग खत्म कर दिया है, जो हालिया हमलों के कारण पहले ही बेहद कमजोर हो चुका था।
‘ईरान को पूरी तरह तबाह कर देगी अमेरिकी सेना’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को सीधे तौर पर ललकारते हुए लिखा, “हमारी एक हजार मिसाइलें बिल्कुल तैयार हैं और उनका सीधा निशाना ईरान है। अगर ईरान सरकार ने अपनी किसी भी धमकी पर अमल करने की हिमाकत की, तो इसके तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी।”
ट्रंप ने आगे बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के सभी क्षेत्रों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद और नष्ट करने की पूरी क्षमता रखती है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी नजर में दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम युद्धविराम समझौता अब “समाप्त” हो चुका है, हालांकि वे स्थायी शांति के लिए बातचीत के रास्ते खुले रखेंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना विवाद का मुख्य केंद्र
इस नए विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने ईरान से सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करने की मांग की कि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पूरी तरह खुला है और वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर अब कोई हमला नहीं होगा। दरअसल, इसी सप्ताह ईरान ने इस मार्ग से गुजर रहे तीन पोतों पर हमला कर तनाव बढ़ा दिया था।
अमेरिका की इस मांग को खारिज करते हुए संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद के बाहर कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना या वहां किसी भी तरह की गतिविधि का संचालन करना पूरी तरह से ईरान के संप्रभु अधिकार क्षेत्र में है। बाहरी पक्षों द्वारा इसमें हस्तक्षेप करने या किसी तरह की नियंत्रण व्यवस्था थोपने का कोई भी प्रयास समझौते का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।”
अंतरराष्ट्रीय कानून बनाम ईरान का दावा
ईरान अब यह मांग कर रहा है कि सदियों से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह उसका नियंत्रण हो और वहां से गुजरने वाले सभी विदेशी जहाजों को तेहरान को ‘नेविगेशन शुल्क’ देना होगा। यह रुख वैश्विक नौवहन के दशकों पुराने नियमों के बिल्कुल विपरीत है।
ईरान में गहराया आंतरिक सत्ता संघर्ष
अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि युद्ध की शुरुआत में अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद से ईरान के भीतर सत्ता की जंग छिड़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक, “ईरानी कट्टरपंथियों के एक गुट ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच संघर्षविराम को जानबूझकर विफल करने के लिए जहाजों पर हमले दोबारा शुरू किए हैं।” इस बीच, अमेरिका द्वारा हवाई हमले रोकने की घोषणा के बावजूद ईरान के भीतर कई रहस्यमय हवाई हमले जारी हैं। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि इन हमलों के पीछे कौन है, और खाड़ी के अन्य अरब देशों ने भी इस संवेदनशील स्थिति पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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