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Health

World Kidney Day 2026: क्या RO का पानी किडनी के लिए है खतरनाक? यूरोलॉजिस्ट से जानें बचाव के तरीके और 8 सुपरफूड

World Kidney Day 2026: क्या RO का पानी किडनी के लिए है खतरनाक? यूरोलॉजिस्ट से जानें बचाव के तरीके और 8 सुपरफूड

हमारे शरीर में किडनी एक नेचुरल फिल्टर की तरह काम करती है, जिसका मुख्य कार्य रक्त से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालना है। यदि किडनी अपना काम सही ढंग से न करे, तो जीवन जीना मुश्किल हो जाता है और स्थिति किडनी कैंसर या फेल्योर तक पहुंच सकती है। विश्व किडनी दिवस 2026 के मौके पर देश के दिग्गज विशेषज्ञों ने किडनी को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश साझा किए हैं।

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या RO का पानी पीना किडनी के लिए हानिकारक है। कई यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में RO का पानी पीना सुरक्षित है। समस्या तब आती है जब पानी से सभी आवश्यक मिनरल्स पूरी तरह निकल जाते हैं। यदि लंबे समय तक ‘डी-मिनरलाइज्ड’ पानी पिया जाए, तो शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसीलिए वे सलाह देते हैं कि ऐसे RO सिस्टम का उपयोग करें जिसमें TDS बैलेंस बना रहे या मिनरल कार्ट्रिज मौजूद हो, ताकि किडनी पर बुरा असर न पड़े।

किडनी के लिए ‘अमृत’ हैं ये 8 चीजें

सही खानपान किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। यूरोलॉजिस्ट ने 8 ऐसी चीजों के बारे में बताया है जो किडनी के अनुकूल हैं:

सेब: यह फाइबर का अच्छा स्रोत है।
जामुन: इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं।
लौकी और तोरी: ये पचाने में आसान हैं और किडनी पर दबाव नहीं डालतीं।
खीरा और गाजर: शरीर को हाइड्रेटेड रखने और विटामिन देने में सहायक।
ओट्स और दालें: साबुत अनाज किडनी को जरूरी पोषण प्रदान करते हैं।
इसके विपरीत, अधिक नमक, जंक फूड, प्रोसेस्ड मीट, बहुत अधिक मीठे पेय और तला-भुना खाना किडनी के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।

डायबिटीज और हाई बीपी: किडनी के सबसे बड़े दुश्मन

किडनी की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण खराब जीवनशैली और पुरानी बीमारियां हैं। डॉ. बी.एस. सोलंकी (नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ) के अनुसार, क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के लगभग 60-70 प्रतिशत मामलों के लिए डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जिम्मेदार हैं। जब और बीपी लंबे समय तक अनियंत्रित रहते हैं, तो किडनी की फिल्टर करने की क्षमता घटने लगती है और शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। आरएमएल अस्पताल के डॉ. रमेश मीणा का कहना है कि यह बीमारी शुरुआती चरणों में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती, इसलिए नियमित जांच ही एकमात्र बचाव है।

किडनी को हेल्दी रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

विशेषज्ञों ने और डायलिसिस की नौबत से बचने के लिए कुछ सरल कदम सुझाए हैं:

नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण: शारीरिक रूप से सक्रिय रहना ब्लड प्रेशर को स्थिर रखता है।
पर्याप्त पानी का सेवन: दिन भर में सही मात्रा में पानी पिएं, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना अत्यधिक पानी भी न पिएं।
पेनकिलर्स से बचें: बिना डॉक्टरी परामर्श के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल किडनी को डैमेज कर सकता है।
धूम्रपान और शराब से दूरी: ये आदतें किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाती हैं।
नियमित मेडिकल चेकअप: विशेष रूप से यदि आप मधुमेह या बीपी के मरीज हैं, तो समय-समय पर ‘ब्लड क्रिएटिनिन’ और यूरिन जांच कराते रहें।

विश्व किडनी दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह अपनी जीवनशैली में सुधार करने का संकल्प लेने का दिन है। डॉ. रमेश मीणा के अनुसार, जागरूक रहकर और समय पर सावधानी बरतकर हम किडनी की गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं। सही पानी, सही भोजन और नियमित जांच ही किडनी की लंबी उम्र की कुंजी है।

hi.quicksamachar@gmail.com

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