परिषदीय स्कूलों के रसोइयों के लिए खुशखबरी : अब मिलेगा 1000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त, सरकार ने लागू की नई व्यवस्था

परिषदीय स्कूलों के रसोइयों के लिए खुशखबरी : अब मिलेगा 1000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त, सरकार ने लागू की नई व्यवस्था
परिषदीय स्कूलों के रसोइयों के लिए खुशखबरी : अब मिलेगा 1000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त, सरकार ने लागू की नई व्यवस्था

अयोध्या, अमृत विचार : परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत खाना बनाने वाले रसोइयों के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब रसोइयों को प्रति माह 1000 रुपये मानदेय अलग से दिया जाएगा।
जारी शासनादेश के अनुसार पहले रसोइयों का मानदेय परिवर्तन लागत के प्रशासनिक व्यय से दिया जाता था।

भारत सरकार के निर्देश पर अब 1000 रुपये प्रतिमाह मानदेय की अलग व्यवस्था की गई है। इसमें 75 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। ग्राम पंचायत, वार्ड शिक्षा समिति, स्वयं सहायता समूह और एनजीओ द्वारा संचालित विद्यालयों के लिए रसोइयों की संख्या का मानक तय किया गया है।

रसोइयों के नाम बैंक में बचत खाता खुलवाकर मानदेय का भुगतान एकाउंट पेई चेक के माध्यम से किया जाएगा। ग्राम शिक्षा निधि/वार्ड शिक्षा निधि के खाते में 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से धनराशि भेजी जाएगी। सहायता प्राप्त विद्यालयों, एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों के लिए यह धनराशि संबंधित संस्था के खाते में भेजी जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से रसोइयों को नियमित मानदेय मिलेगा और मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन और बेहतर होगा। इसे खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद लागू किया जाएगा। वर्तमान में परिषदीय विद्यालयों में 5500 रसोइया कार्यरत हैं, सोमवार को स्थानीय आदेश जारी किया जाएगा।लालचंद, बेसिक शिक्षा अधिकारी

छात्र संख्या के आधार पर तय होंगे रसोइए

सरकार ने विद्यालयों में छात्रों की संख्या के अनुसार रसोइयों की संख्या भी निर्धारित की है।

छात्र संख्या रसोइयों की संख्या
25 तक 1
26 से 100 2
101 से 200 3
201 से 300 4
301 से 1000 5
1001 से 1500 6
1501 से अधिक 7

अयोध्या में 5500 रसोइयों को मिलेगा लाभ

बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद ने बताया कि जिले में वर्तमान में करीब 5500 रसोइए कार्यरत हैं। यह व्यवस्था खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लागू की जाएगी। इसके लिए सोमवार को स्थानीय स्तर पर आदेश जारी किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से रसोइयों को नियमित मानदेय मिलेगा और मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन में भी सुधार होगा।

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