
Varanasi Hospital Viral Video: एक तरफ सरकार दावा करती है कि बीते दस वर्षों में सूबे में सरकारी अस्पतालों की स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन दूसरी तरफ इन दावों की सच्चाई सामने आई है। ताजा मामला वाराणसी के दीन दयाल उपाध्याय जिला अस्पताल से जुड़ा है, जहां अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को कॉकटेल पार्टी करते हुए देखा गया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल के कर्मचारी पैथोलॉजी लैब में दारू और मुर्गे की पार्टी कर रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और अब अस्पताल प्रशासन हरकत में आ चुका है।
जांच के आदेश दिए गए
वाराणसी जिला अस्पताल के सीएमएस (Chief Medical Superintendent) डॉक्टर आरएस राम ने वीडियो के सामने आने के बाद जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक कमेटी इस वीडियो की जांच करेगी और उसमें शामिल कर्मचारियों को चिन्हित किया जाएगा। डॉक्टर राम ने कहा कि “यह वीडियो पुराना है, जून-जुलाई 2022 का है, और उस समय मैं यहां नहीं था। लेकिन अस्पताल की साख और अनुशासन का सवाल है, इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
वाराणसी जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ अस्पताल कर्मचारी कथित तौर पर पैथोलॉजी लैब के अंदर बैठकर शराब पीते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो जिला अस्पताल की लैब का है, जिसे लेकर लोगों में नाराज़गी भी देखी जा रही है।…
— Ashok Shera (@ashokshera94)
वीडियो की शिनाख्त और जांच
अस्पताल में क्षेत्रीय निदान केंद्र के तहत ब्लड सैम्पलिंग और मरीजों की जांच रिपोर्ट प्रदान की जाती है। वीडियो में जिन कर्मचारियों को पार्टी करते हुए दिखाया गया है, उन्हें लैब टेक्नीशियन और सैम्पलिंग कर्मचारी बताया जा रहा है। हालांकि, कमेटी की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि वीडियो में दिख रहे कर्मचारी कौन हैं।
सीएमएस डॉक्टर आरएस राम ने पुष्टि की है कि के सामने आने के बाद तुरंत जांच शुरू कर दी गई है और कर्मचारियों की शिनाख्त का काम चल रहा है। “जांच के आदेश दिए गए हैं, जल्द ही यह मामला साफ हो जाएगा,” उन्होंने कहा।
अस्पताल प्रशासन की स्थिति
यह घटना सरकार के दावों और में सरकारी अस्पतालों के कामकाज के बीच बड़ा सवाल खड़ा करती है। जहां एक ओर सरकार सुधारों का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो सरकारी अस्पतालों की साख और मर्यादा पर प्रश्न चिह्न लगाती हैं। अस्पताल प्रशासन के लिए यह एक बड़ा चुनौती है, क्योंकि मरीजों और उनके परिवारों को ऐसी घटनाओं से गहरा आघात पहुंचता है। इस वीडियो के बाद अस्पताल प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है और यह देखने वाली बात होगी कि इसमें शामिल कर्मचारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।



