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महाराष्ट्र के ठाणे जिले से शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। ठाणे जिले के भिवंडी से एक 15 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की का अपहरण किया गया। इसके बाद नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसे मराठवाड़ा क्षेत्र के बीड जिले में एक व्यक्ति को बेच दिया गया। नाबालिग लड़की के पति और पांच अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पहले किया गया अपहरण
मामले की अधिक जानकारी देते हुए ठाणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘पीड़िता अपनी अत्यधिक गरीबी और माता-पिता की अनुपस्थिति के कारण शोषण का शिकार हुई है। 26 फरवरी को एक दलाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण कर लिया और शादी का झांसा और बेहतर जीवन का वादा करके उसे बीड के पाटोदा में एक बुजुर्ग व्यक्ति को बेच दिया।’
खेत में किया गया बलात्कार
नाबालिग लड़की को धमकी देकर 27 फरवरी को जबरन अवैध शादी करा दी गई। पुलिस में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि 27 फरवरी से 10 मार्च के बीच उसके पति भाऊसाहेब तांबे ने उसे एक खेत के शेड में बंद रखा और उसके साथ बलात्कार किया।
किसी तरह दरिंदों के पास से भाग निकली लड़की
पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़की के पास मोबाइल फोन न होने के कारण वह तब तक कैद रही जब तक कि एक रिश्तेदार ने उसे ढूंढ नहीं लिया। यह घटना तब सामने आई जब लड़की भाग निकली और उसने श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ताओं को अपनी आपबीती सुनाई, जिन्होंने मामला दर्ज कराने में उसकी मदद की।
पुलिस ने कई धाराओं में दर्ज किया केस
पाडघा पुलिस ने मुख्य आरोपी तांबे, मध्यस्थ विलास हिलम और अन्य के खिलाफ बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (POCSO), अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और बाल विवाह निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(M) और 65(1) भी लगाई गई है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।



