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आजकल देश दुनिया में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके पीछे मुख्य वजह लोगों की बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल और खराब खानपान है। यह एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसमें सही समय पर सही कदम उठाना बेहद जरूरी होता है। राज शमानी के पॉडकास्ट में आए साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और निदेशक डॉ. बिमल छाजेर, एमडी, हृदयरोग विशेषज्ञ कहते हैं अगर किसी को हार्ट अटैक आए तो ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत ये कुछ दवाई खिलानी चाहिए। इससे उनके बचने की संभावना बढ़ जाती है। तो चलिए जानते हैं हार्ट अटैक आने पर कौन सी दवाएं लेनी चाहिए?
हार्ट अटैक के दौरान ली जाने वाली दवाएं
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डिस्प्रिन (Disprin): हार्ट अटैक के दौरान आपको तुरंत डिस्प्रिन दवा लेनी चाहिए। 300-325 mg एस्पिरिन को चबाने से खून का थक्का (Clot) कम होता है और दिल को नुकसान कम पहुंचता है।
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क्लोपिडोग्रेल (Clopidogrel): क्लोपिडोग्रेल एक एंटीप्लेटलेट दवा है, जो प्लेटलेट्स को आपस में चिपकने से रोककर खून के थक्के बनने से रोकती है। यह मुख्य रूप से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए उपयोग की जाती है।
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एटोरवास्टेटिन (Atorvastatin): एटोरवास्टेटिन हाई बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और दिल का दौरा या स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए दी जाती है। यह लिवर में खराब कोलेस्ट्रॉल और फैट के प्रोडक्शन को धीमा करती है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है।
कितनी मात्रा में लेनी चाहिए ये दवाएं?
डॉक्टर कहते हैं कि हार्ट अटैक के दौरान खून के थक्का को डिजॉल्व करने के लिए डिस्प्रिन का एक टेबलेट, दो क्लोपिडोग्रेल का टेबलेट और एक एटोरवास्टेटिन का टेबलेट लें। इन तीनों दवाओं को चबाकर खाएं। दवाइयों को चबाकर खाने से ब्लड में मौजूद क्लॉट जल्दी डिजॉल्व हो सकता है। अपने फर्स्ट एड बॉक्स में इन दवाइयों का पाउच इमरजेंसी के लिए हमेशा बनाकर रखना चाहिए।
बता दें, ये दवाएं केवल आपातकालीन स्थिति के लिए हैं। इन्हें खाने के बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। दवा लेने के बाद तुरंत आराम से बैठ जाएं या लेट जाएं और अस्पताल पहुंचने की व्यवस्था करें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है



