
Iron Deficiency During Periods: महिलाओं के लिए पीरियड्स एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन इस दौरान होने वाला भारी रक्तस्राव शरीर में आयरन के स्तर को तेजी से गिरा सकता है। यही कारण है कि कई महिलाएं इन दिनों में अत्यधिक सुस्ती, चक्कर आना और ऐंठन महसूस करती हैं। इसे नजरअंदाज करना एनीमिया जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
हर महीने पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। सामान्य तौर पर 3 से 7 दिनों तक चलने वाले इस चक्र में 30-80 मिलीलीटर खून निकलता है। लेकिन जब यह मात्रा 80 मिलीलीटर से अधिक हो जाती है तो इसे हैवी कहा जाता है। चूंकि हमारे रक्त में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है इसलिए ज्यादा ब्लीडिंग का सीधा अर्थ है शरीर से आयरन का तेजी से बाहर निकलना।
क्यों गिर जाता है आयरन का स्तर
पीरियड्स के दौरान जब गर्भाशय की परत (एंडोमेट्रियम) टूटकर बाहर निकलती है तो शरीर को नए रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए अतिरिक्त आयरन की आवश्यकता होती है। यदि आहार में हो, तो शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने लगता है, जिससे ऑक्सीजन का संचार धीमा हो जाता है। यही कारण है कि महिलाएं थकान, सांस फूलना, बाल झड़ना और चेहरे पर पीलापन जैसे लक्षण महसूस करती हैं।
आयरन की कमी को कैसे करें पूरा?
अपनी थाली में पालक, चुकंदर, अनार, गुड़, राजमा और चने जैसी चीजों को शामिल करें। सूखे मेवे जैसे खजूर, किशमिश और बादाम भी आयरन का बेहतरीन स्रोत हैं।
केवल आयरन खाना काफी नहीं है शरीर उसे सोख सके इसके लिए विटामिन-C बहुत जरूरी है। संतरा, आंवला, नींबू और टमाटर जैसे खट्टे फल आयरन के अवशोषण को बढ़ा देते हैं।
डॉक्टर की सलाह
यदि खान-पान के बावजूद कमजोरी बनी रहती है तो डॉक्टर की सलाह पर आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट ली जा सकती हैं। यह खून की कमी को तेजी से रिकवर करने में मदद करती हैं। पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द या ब्लीडिंग होने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए ताकि समय रहते एनीमिया के खतरे को टाला जा सके।



