
Shashi Kapoor Birth Anniversary: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता शशि कपूर उन सितारों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने अपनी शानदार एक्टिंग और सादगी से लाखों दिलों पर राज किया। 18 मार्च 1938 को जन्मे शशि कपूर मशहूर कपूर खानदान से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता पृथ्वीराज कपूर हिंदी सिनेमा और थिएटर की दुनिया के दिग्गज कलाकार थे। वहीं उनके बड़े भाई राज कपूर और शम्मी कपूर भी बॉलीवुड के बड़े सितारों में गिने जाते हैं। ऐसे माहौल में पले-बढ़े शशि कपूर के खून में ही अभिनय बसता था।
शशि कपूर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्मों से नहीं बल्कि थिएटर से की थी। उन्होंने साल 1944 में अपने पिता के मशहूर पृथ्वी थिएटर से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। उस दौर में उन्होंने ‘शकुंतला’ जैसे नाटकों में काम किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। फिल्मों में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की और बाद में एक लीड एक्टर के रूप में बॉलीवुड में छा गए। शशि कपूर ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इनमें दीवार, कभी-कभी, सत्यम शिवम सुंदरम, नमक हलाल, शान, सुहाग और मुकद्दर का सिकंदर जैसी फिल्में शामिल हैं।
हॉलीवुड फिल्मों में भी किया काम
बहुत कम लोग जानते हैं कि शशि कपूर उन गिने-चुने भारतीय अभिनेताओं में से थे जिन्होंने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ विदेशी फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने ब्रिटिश और अमेरिकी प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लिया और अपने करियर में करीब 10 अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में नजर आए। सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा गया।
जेनिफर से प्यार और शादी
की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प रही। जब वह थिएटर में काम करते थे, तभी उन्हें मशहूर थिएटर ग्रुप शेक्सपियराना के साथ काम करने का मौका मिला। यहीं उनकी मुलाकात ब्रिटिश अभिनेत्री जेनिफर केंडल से हुई। दोनों ने कई नाटकों में साथ काम किया और धीरे-धीरे एक-दूसरे से प्यार हो गया। दिलचस्प बात यह थी कि जेनिफर शशि कपूर से उम्र में पांच साल बड़ी थीं, लेकिन दोनों के प्यार के आगे यह फर्क मायने नहीं रखता था। जल्द ही दोनों ने शादी कर ली।
अमिताभ बच्चन के साथ हिट जोड़ी
शशि कपूर और की जोड़ी 70 और 80 के दशक में काफी लोकप्रिय रही। दोनों ने साथ में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया, जिनमें त्रिशूल, दो और दो पांच, काला पत्थर और सिलसिला शामिल हैं। हिंदी सिनेमा के इस महान कलाकार ने 4 दिसंबर 2017 को दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी फिल्में और यादें आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं।



