
Summer Hair Care Routine: गर्मियों की शुरुआत होते ही हवा में उमस और पसीने की समस्या बढ़ जाती है। इसका सीधा असर हमारी त्वचा और बालों पर पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि चिलचिलाती धूप और पसीने के कारण बाल चिपचिपे हो जाते हैं जिससे न केवल स्कैल्प में गंदगी जमा होती है बल्कि बाल सामान्य दिनों की तुलना में तेजी से झड़ने लगते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार बालों की देखभाल केवल बाहरी सुंदरता तक सीमित नहीं है बल्कि यह शरीर के आंतरिक संतुलन और सही पोषण का प्रतिबिंब है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि हम प्रकृति की ओर लौटें तो कुछ विशेष जड़ी-बूटियों के माध्यम से बालों की गहराई से मरम्मत की जा सकती है। आइए जानते हैं घर पर तैयार होने वाले दो खास के बारे में।
नारियल तेल और मेथी
अगर आपके बाल रूखे और बेजान हो गए हैं तो यह तेल आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है। इसे बनाने के लिए नारियल तेल में आंवला चूर्ण, कड़ी पत्ता और मेथी दाना मिलाएं। इस मिश्रण को धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक तेल का रंग न बदल जाए।
- यह तेल बालों को गहराई से पोषण देता है।
- मेथी और रूसी को कम करने में सहायक हैं।
- नारियल तेल बालों की प्राकृतिक चमक को बरकरार रखता है और उन्हें रेशमी बनाता है।
- हफ्ते में कम से कम दो बार इस तेल से मालिश करें।
भृंगराज और ब्राह्मी तेल
ज्यादा और समय से पहले सफेद होने की समस्या के लिए आयुर्वेद में भृंगराज और ब्राह्मी को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। तिल के तेल में आंवला चूर्ण, भृंगराज, ब्राह्मी और जटामांसी चूर्ण मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। पकने के बाद इसे छानकर कांच की शीशी में सुरक्षित रख लें।
- इसे केशराज कहा जाता है जो बालों का झड़ना तुरंत रोकने में मदद करता है।
- ये जड़ी-बूटियां न केवल स्कैल्प की गंदगी साफ करती हैं बल्कि मानसिक तनाव को कम करने में भी मदद करती हैं जो हेयर फॉल का एक मुख्य कारण है।
- यह तेल सफेद बालों की समस्या को रोकने में भी कारगर है।
मालिश और डाइट का रखें ध्यान
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का कहना है कि तेल को हल्का गुनगुना करके लगाने से यह स्कैल्प में बेहतर तरीके से अवशोषित होता है। यदि आपकी स्कैल्प ऑयली है तो तेल लगाने के कुछ घंटों बाद एक अच्छे आयुर्वेदिक शैम्पू से बाल धो लें। इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखें और डाइट में ओमेगा-3 और विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना अनिवार्य है।



