
Navrati Special Bhog: चैत्र नवरात्रि 2026 के चौथे दिन आज यानी 22 मार्च को शक्ति के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा की आराधना की जा रही है। देवी को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग मालपुआ का विशेष महत्व है। अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है तो तुरंत तैयार होने वाली रेसिपी बनाई जा सकती है।
मां कुष्मांडा और मालपुआ का संबंध
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार को मीठा बेहद प्रिय है खासकर मालपुआ। कहा जाता है कि इस भोग से देवी प्रसन्न होकर भक्त को बुद्धि, यश और आरोग्य का वरदान देती हैं। आम तौर पर मालपुआ बनाने में काफी समय लगता है लेकिन एक ऐसा विकल्प है जो स्वाद में लाजवाब है और बहुत जल्दी तैयार हो जाता है।
सामग्री
इस खास प्रसाद को बनाने के लिए आपको बहुत कम सामग्री की आवश्यकता होगी।
- पनीर: 200 ग्राम (मैश किया हुआ)
- खोया/मावा: 100 ग्राम (वैकल्पिक)
- मैदा या कुट्टू का आटा: 3-4 बड़े चम्मच (व्रत के अनुसार चयन करें)
- दूध: आवश्यकतानुसार (बैटर बनाने के लिए)
- चीनी: 1 कप (चाशनी के लिए)
- इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- केसर और ड्राई फ्रूट्स: सजावट के लिए
- घी: तलने के लिए
बनाने की विधि
पनीर मालपुआ (सौ. फ्रीपिक)
चाशनी तैयार करें
सबसे पहले एक पैन में एक कप चीनी और आधा कप पानी डालकर उबालें। इसमें इलायची पाउडर और केसर की कुछ पत्तियां डालें। एक तार की चाशनी बनने से ठीक पहले गैस बंद कर दें। इसे एक तरफ रख दें।
बैटर (घोल) तैयार करें
एक मिक्सर जार में मैश किया हुआ पनीर, थोड़ा सा दूध और मैदा (या व्रत वाला आटा) डालें। इसे एक बार चला लें ताकि एक स्मूथ और गाढ़ा घोल तैयार हो जाए। ध्यान रहे कि घोल न ज्यादा पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा।
मालपुआ तलें
अब एक चौड़े पैन या कड़ाही में शुद्ध देसी घी गर्म करें। एक बड़े चम्मच की मदद से बैटर को धीरे से घी में डालें और गोल आकार दें। इसे मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक तलें। पनीर के कारण यह बेहद नरम और जालीदार बनेंगे।
चाशनी में डुबोएं
तले हुए गरमा-गरम मालपुआ को सीधे तैयार चाशनी में डाल दें। इन्हें 2-3 मिनट तक चाशनी में डूबा रहने दें ताकि ये अंदर तक रसीले हो जाएं।
गार्निशिंग और भोग
अंत में मालपुओं को प्लेट में निकालें और ऊपर से कटे हुए पिस्ता, बादाम और केसर से सजाएं। आपका शुद्ध सात्विक ‘पनीर मालपुआ’ तैयार है।
मां कुष्मांडा की पूजा के दौरान इस ताजे और शुद्ध भोग को अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह रेसिपी न केवल समय बचाती है बल्कि बाजार की मिलावटी मिठाइयों से बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक भी है। आज ही इस विधि से मां का पसंदीदा नैवेद्य तैयार करें और देवी का आशीर्वाद प्राप्त करें।



