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व्रत में साबूदाना की खिचड़ी काफी पसंद की जाती है। हालांकि साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए आपको इसे रात में या फिर 5-6 घंटे पहले पानी में भिगोना पड़ता है। लेकिन कई बार हम साबूदाना भिगोना भूल जाते हैं। ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप बिना भिगोए भी साबूदाने की खिचड़ी बना सकते हैं। इंस्टेंट साबूदाना खिचड़ी बनाने में आपको जरा भी मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। आप झटपट साबूदाने की खिली-खिली खिचड़ी बनाकर खा सकते हैं। आइये जानते हैं बिना भिगोए साबूदाना की खिचड़ी कैसे बनाते हैं।
बिना भिगोए साबूदाना खिचड़ी रेसिपी
पहला स्टेप- आप अपने हिसाब से साबूदाना ले लें, हम खिचड़ी बनाने के लिए 1 कप मीडियम साबूदाना ले रहे हैं। खिचड़ी में डालने के लिए करी पत्ता, हरा धनिया, हरी मिर्च, जीरा, मूंगफली, उबले हुए आलू, सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर ले लें। मिठास के लिए थोड़े चीनी के दाने और नींबू का रस खट्टे स्वाद के लिए चाहिए।
दूसरा स्टेप- अब खिचड़ी बनाने के लिए सबूदाना को 2-3 बार धो लें और एक स्टील के डब्बे में थोड़ा घी लगाकर साबूदाना, सेंधा नमक और थोड़ा पानी डालकर मिक्स करके डब्बा बंद कर दें। कुकर में खिचड़ी के लिए आलू उबलने के लिए रखें और उसमें साबूदाना वाला डब्बा भी रख दें। अब 3-4 सीटी तेज गैस पर और फिर 2-3 मिनट के लिए आलू को और पकाएं।
तीसरा स्टेप-अब कुकर को ठंडा होने के बाद आलू निकाल लें और अब साबूदाना के डब्बा को आराम से खोलने की कोशिश करें। घबराएं नहीं थोड़ा ठंडा होने के बाद साबूदाना खिल जाएगा। अगर साबूदाना में पानी ज्यादा लगे तो छन्नी में डालकर साबूदाना को अलग-अलग करके छोड़ दें।
चौथा स्टेप- अब कड़ाही या पैन में घी गर्म करें और मूंगफली भूनकर निकाल लें। बचे हुए घी में जारी, हरी मिर्च, करी पत्ता डाल दें, इसके बाद उबले हुए आलू काटकर डाल दें। सेंधा नमक, काली मिर्च और फिर साबूदाना डाल कर धीमी आंच पर खिचड़ी को पकाएं। चाहें तो चीनी के दाने डाल दें और खिचड़ी को पकने के बाद गैस बंद कर दें।
पांचवां स्टेप-अब ऊपर से हरा धनिया, भुनी हुई मूंगफली और और नींबू का रस डालकर खिचड़ी को गर्मागरम सर्व करें। साबूदाना की खिचड़ी एकदम खिली खिली बनेगी। आप इसे दही या हरे धनिए की चटनी के साथ खा सकते हैं।



