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एयर फ्रायर और माइक्रोवेव के इस्तेमाल का चलना इन दिनों खूब बढ़ा है। लेकिन आजकल लोगों के मन में एयर फ्रायर और माइक्रोवेव को लेकर एक डर बैठ गया है कि इनके इस्तेमाल से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। दिल्ली में स्थित आर्ट ऑफ हेल्थ कैंसर सेंटर में ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह कहते हैं कि इन किचन उपकरणों का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो ये सुरक्षित माने जाते हैं और सीधे तौर पर कैंसर का कारण नहीं बनते।
क्या एयर फ्रायर और माइक्रोवेव कैंसर का खतरा बढ़ाता है?
एयर फ्रायर की बात करें तो इसमें खाना बहुत कम तेल में तेज गर्म हवा के जरिए पकाया जाता है। यह तरीका डीप फ्राइंग की तुलना में ज्यादा हेल्दी माना जाता है। हालांकि, जब किसी भी खाने को बहुत ज्यादा तापमान पर पकाया या जला दिया जाता है, तो उसमें कुछ हानिकारक केमिकल बन सकते हैं। यह स्थिति सिर्फ एयर फ्रायर में ही नहीं, बल्कि तला-भुना या ओवन में बना खाना भी ऐसा असर दिखा सकता है। इसलिए समस्या उपकरण में नहीं, बल्कि पकाने के तरीके में होती है।
डॉ. मनदीप सिंह कहते हैं कि माइक्रोवेव को लेकर भी कई गलतफहमियां हैं। माइक्रोवेव में इस्तेमाल होने वाली तरंगें ऐसी नहीं होतीं जो शरीर के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकें या कैंसर पैदा करें। यह सिर्फ खाने को गर्म करने का एक तरीका है। लेकिन अगर इसमें गलत कंटेनर, खासकर नॉन-सेफ प्लास्टिक का उपयोग किया जाए, तो उसमें से हानिकारक तत्व निकल सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।
कैसे बढ़ता है कैंसर का खतरा?
डॉ. मनदीप सिंह कहते हैं कि कैंसर का खतरा बढ़ाने में मुख्य भूमिका हमारी लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों की होती है। बहुत ज्यादा जला हुआ खाना, प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा तेल और नमक का सेवन, और असंतुलित डाइट ये सभी जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता



