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छाछ और लस्सी दोनों ही दही से मिलकर तैयार किए जाते हैं। दही, छाछ और लस्सी सभी खाने में फायदेमंद होते हैं लेकिन आजकल लोगों में इस बात को लेकर काफी बहस होती है कि इनमें से कौन सी चीज अच्छी है। छाछ पीना सेहत के लिए फायदेमंद हैं या दही खाना या फिर उसकी लस्सी बनाकर पीना ज्यादा फायदे पहुंचाता है। आयुर्वेद में छाछ, दही और लस्सी में से क्या श्रेष्ठ माना गया है। आइए आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ) से जानते हैं कि आयुर्वेद में छाछ, दही या लस्सी क्या है ज्यादा फायदेमंद।
छाछ, दही या लस्सी क्या है फायदेमंद
विशेषज्ञों का ऐसा मनना है कि छाछ को पचाना आसान होता है और यह लगभग हर प्रकार के शरीर के लिए फायदेमंद है इसलिए आयुर्वेद के अनुसार दही की तुलना में छाछ को प्राथमिकता दी गई है। अक्सर जो लोग डाइट पर होते है वह अपने आहार में दही या छाछ को जरूर शामिल करते हैं। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा को खाने में ठंडा लगने वाला पदार्थ दही की तासीर गर्म होती है और इसे पचना छाछ के मुकाबले ज्यादा मुश्किल होता है। दही आपके पेट में जाकर अंदर की गर्मी के कारण फरमेंट होने लगता है जिससे आपके पेट के अंदर गर्मी बढ़ जाती है।
छाछ के फायदे
डॉक्टर चंचल शर्मा बताती हैं कि जब आप दही में पानी डालते हैं तो वह प्राकृतिक रूप से ठंडा हो जाता है और इसका फर्मेंटेशन रुक जाता है। जबकि छाछ स्वाभाविक रूप से ठंडा होता है। जब आप छाछ में काला नमक, जीरा पाउडर, हींग आदि जैसे मसाले मिलाते हैं तो यह आपके शरीर के लिए और ज्यादा फायदेमंद हो जाता है। इसलिए ज्यादातर लोग भोजन में छाछ को शामिल करते हैं जिससे भोजन आसानी से पच जाता है।
दही के फायदे और नुकसान
दही खाने से आपके शरीर में वात दोष को संतुलित करने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद हेल्थी फैट आपको ताकत देता है और भोजन को पचाने में मदद करता है। कुछ ऐसे मामले भी हैं, जिसमे दही आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। जिन लोगों को कफ, जकड़न या सूजन की समस्या है उनके लिए दही हानिकारक हो सकता है। जिन लोगों को आर्थराइटिस की शिकायत है उन्हें भी दही से परहेज करना चाहिए। कुछ लोगों को रात में दही खाने से सर्दी-जुकाम जैसी समस्या होने लगती है, ऐसे में आपको रात में दही खाने से पहले उसमें थोड़ा नमक मिला लेना चाहिए। दही को कभी भी गर्म करके न खाएं। ऐसा करने से इसके अंदर मौजूद बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।
लस्सी के फायदे और नुकसान
दही को फेंटने के बाद जब आप लस्सी बनाते हैं तो इसमें शुगर का इस्तेमाल करते हैं। लस्सी थोड़ी फैट वाली दी से तैयार की जाती है। इससे स्वाद ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन इसमें मौजूद फैट और चीनी दोनों ही सेहत के लिए ठीक नहीं है। इसलिए लस्सी भले ही स्वाद में अच्छी लगती हो, पेट के लिए भी ठंडी और हल्की हो, लेकिन चीनी मिलने से और ज्यादा मलाईदार होने से ये वो फायदे नहीं पहुंचा पाती जो छाछ पहुंचाती है।
सेहत के लिए सबसे फायदेमंद है छाछ
छाछ दही के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद हैं और इसे आप सर्दी के मौसम में भी ले सकते हैं। यह आसानी से पच जाता है और वात, पित्त, कफ तीनों प्रकार के शरीर वाले लोगों के लिए समान रूप से फायदेमंद होता है। आप दही में थोड़ा पानी मिलाकर उसे अच्छे से फेंट ले और उसमे स्वादानुसार नमक, काली मीर्च, धनिया, जीरा पाउडर आदि मिला लें तो यह आपके पाचन के लिए अमृत का काम करता है।



