
Image Source : YOUTUBE – @SUNITA AGARWAL
अष्टमी और नवमी का दिन खास तौर पर कन्या पूजन के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन छोटी-छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उन्हें भोग लगाया जाता है और आशीर्वाद लिया जाता है। ऐसे में घर पर बना शुद्ध और स्वादिष्ट प्रसाद तैयार करना बहुत जरूरी होता है। आटे और गुड़ का हलवा न सिर्फ पारंपरिक स्वाद से भरपूर होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है। अगर आप इस बार कुछ आसान, जल्दी बनने वाला और भक्ति भाव से जुड़ा प्रसाद बनाना चाहते हैं, तो आटे और गुड़ का हलवा एक बेहतरीन विकल्प है। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान स्टेप बाय स्टेप विधि।
आटे और गुड़ का हलवा बनाने के लिए सामग्री
आधा कप पानी, एक कप गुड़, आधा कप घी, एक कप गेंहूं का आटा, आधा चम्मच इलायची पाउडर, मिक्स ड्राइफ्रूट्स
आटे और गुड़ का हलवा बनाने की विधि:
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पहला स्टेप: आटे और गुड़ का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले, गैस ऑन करें और फिर एक बड़े बर्तन में एक कप गुड़ डालें और उसमें आधा कप पानी डालें। अब गुड़ को अच्छी तरह से पिघलने दें। ध्यान रखें चाशनी नहीं बनानी है सिर्फ गुड़ को अच्छी तरह से मेल्ट करना है।
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दूसरा स्टेप: अब, एक पैन में आधा कप घी लें। इसमें 1 कप गेंहूं का आटा डालें और इसे मीडियम आंच पर घी में तब तक भूनें जब तक इसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए।
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तीसरा स्टेप: जब गेहूँ के आटे की खुशबू आने लगे, तो समझ जाइए कि यह भुन गया है। आटे को अच्छी तरह भुनने में लगभग 8-10 मिनट लगेंगे इसलिए इसे लगातार चलाते रहें।
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चौथा स्टेप: जैसे ही गुड़ का पानी तैयार हो जाए, इसे धीमी आँचपर धीरे-धीरे गुड़ का पानी डालें। आटा गुड़ के पानी को सोखना शुरू कर देगा।
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पांचवा स्टेप: गुड़ का पानी डालने के बाद, अब उसमें इलायची पाउडर डालें और फिर धीमी आंच पर 2-5 मिनट तक अच्छी तरह मिलाएँ। हलवा पैन की सतह छोड़ रहा है और किनारों पर थोड़ा-सा घी भी दिखाई देने लगेगा।
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छटवां स्टेप: अब, ऊपर से कटे हुए ड्राइफ्रूट्स छिड़कें। इसे एक बड़े बर्तन में निकालें और फिर एक प्लेट में पलट दें। एक बार फिर सूखे मेवों – बादाम और पिस्ता से सजाएँ। आपका कड़ा प्रसाद यानी की गुड़-आटे का हलवा तैयार है।



