
Paneer Digestion Tips: प्रोटीन के सबसे बेस्ट सोर्स पनीर को हम अक्सर सुपरफूड मानकर कभी भी खा लेते हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार पनीर का भारी स्वभाव इसे पचाने में मुश्किल बनाता है। अगर आपको भी पनीर खाने के बाद गैस या भारीपन महसूस होता है तो संभल जाइए आप इसे गलत तरीके से खा रहे हैं।
शाकाहारी डाइट में पनीर और सोयाबीन प्रोटीन के सबसे बड़े स्तंभ माने जाते हैं। स्वाद में लाजवाब होने के कारण पनीर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की पहली पसंद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही पनीर आपके लिए धीमा ज़हर भी साबित हो सकता है। आयुर्वेद के मुताबिक पनीर का सेवन अगर सही समय और सही प्रकृति के अनुसार न किया जाए तो यह शरीर में दोषों का संतुलन बिगाड़ देता है।
बढ़ा हुआ यूरिक एसिड
जिन लोगों को जोड़ों में दर्द या यूरिक एसिड की समस्या है उन्हें पनीर से दूरी बनानी चाहिए। इसमें मौजूद हाई प्रोटीन यूरिक एसिड के स्तर को और बढ़ा सकता है जिससे सूजन और दर्द की तकलीफ बढ़ जाती है।
कमजोर पाचन
पनीर स्वभाव में भारी होता है। अगर आपका मेटाबॉलिज्म धीमा है तो कच्चा पनीर खाने से बचें। यह पेट में दर्द, खट्टी डकार और कब्ज का कारण बन सकता है। ऐसे लोगों को हमेशा पनीर पकाकर ही खाना चाहिए।
खराब पाचन (सौ. फ्रीपिक)
कफ और साइनस की समस्या
यदि आप बार-बार होने वाले जुकाम, कफ या सांस की तकलीफ से जूझ रहे हैं तो पनीर का सेवन कम करें। यह शरीर में कफ बढ़ाता है जिससे साइनस की समस्या और गंभीर हो सकती है।
कोलेस्ट्रॉल और मोटापा
पनीर में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। जो लोग वजन घटाना चाहते हैं या जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है उन्हें इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए।
रात का भोजन
आयुर्वेद के अनुसार रात में हमारी पाचन शक्ति मंद हो जाती है। रात को पनीर खाने से यह ठीक से पच नहीं पाता और टॉक्सिन्स पैदा करता है।
पनीर खाने का सही तरीका
- हमेशा घर का बना या ताजा पनीर ही इस्तेमाल करें। बाजार के मिलावटी पनीर से बचें।
- पनीर को हमेशा अदरक, काली मिर्च और हल्दी जैसे पाचक मसालों के साथ पकाकर खाएं। इससे इसकी भारीपन कम होता है।
- पनीर खाने का सबसे सही समय लंच है जब आपकी पाचन शक्ति चरम पर होती है।
पनीर प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है बशर्ते आप इसे अपनी बॉडी टाइप और सही समय के अनुसार खाएं। बीमारियों से बचने के लिए कच्चे के बजाय पका हुआ पनीर चुनें।



