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Health

गर्मी के लिए वरदान से कम नहीं है सत्तू, जानिए इसके फायदे और जानें कैसे बनाएं सत्तू

गर्मी के लिए वरदान से कम नहीं है सत्तू, जानिए इसके फायदे और जानें कैसे बनाएं सत्तू

Sattu Drink For Summer: गर्मी ने दस्तक दे दी है और तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में शरीर को ठंडक और भरपूर ऊर्जा देना बेहद ज़रूरी हो जाता है। अगर आप भी इस तपती गर्मी में खुद को फ्रेश और एनर्जेटिक रखना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में सत्तू के शरबत को शामिल कर सकते है।

गर्मियों में सत्तू का सेवन वरदान

आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्मियों में सत्तू का सेवन सेहत के लिए वरदान माना जाता है, क्योंकि यह न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि पोषण से भी भरपूर होता है। सेहत के लिए इतना फायदेमंद होने के कारण इसे इंडियन सूपरफूड का दर्जा मिला हुआ है। कभी बिहार, प. बंगाल और उत्तर प्रदेश में प्रचलित सत्तू अब देश ही नहीं विदेशों में भी तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है।

सत्तू का सेवन से होने वाले फायदे

पोषक तत्वों का खजाना

एक्सपर्ट्स के अनुसार, सत्तू को पोषक तत्वों का खजाना भी कहा जाता है। इसमें आयरन, मैगजीन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कई महत्वपूर्ण खनिज के साथ-साथ इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर भी होता है। जो सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

गर्मियों में रोज सत्तू पीने से क्या फायदे है?

सत्तू एक पारंपरिक भारतीय आहार है जो गर्मी के मौसम में ताजगी और स्वास्थ्य का खजाना साबित होता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए बेहद लाभकारी भी है। यह शरीर को ठंडक, ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है, जो हर उम्र और वर्ग के लोगों के लिए फायदेमंद होता है।

आयुर्वेद के अनुसार, रोजाना सत्तू का सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और गर्मी से होने वाली थकान को दूर रखता है।

सत्तू कैसे तैयार किया जाता है?

पोषक तत्वों से भरपूर सत्तू का सेवन भारत के कई राज्यों में खासा लोकप्रिय है। खासतौर पर, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में सत्तू का रोजाना सेवन किया जाता है। इसे मुख्य रूप से चना, गेहूं, जौ जैसे अनाजों को भूनकर पीसकर तैयार किया जाता है।

क्या पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए फायदेमंद है सत्तू?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, सत्तू में ठंडक देने वाले गुण मौजूद है। इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम, जिससे पाचन क्रिया सुधरती है। फाइबर मल त्याग को नियमित रखता है, कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखता है।

hi.quicksamachar@gmail.com

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